
जबलपुर के विजयनगर निवासी बाल खिलाड़ी श्रेष्ठ मिश्रा ने राष्ट्रीय खेल पटल पर शहर और प्रदेश का नाम रोशन किया है। देहरादून के महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज कॉम्प्लेक्स स्थित हिमाद्री आइस रिंक में आयोजित 'स्पेशल ओलंपिक भारत' की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में श्रेष्ठ ने आइस स्केटिंग में रजत पदक (सिल्वर मेडल) हासिल किया। माइनस 5 डिग्री तापमान के बीच आयोजित इस बेहद चुनौतीपूर्ण स्पर्धा के अंडर-14 आयु वर्ग में श्रेष्ठ ने पूरे भारत में दूसरा स्थान प्राप्त कर इतिहास रचा है।
जबलपुर जैसे गर्म जलवायु वाले शहर में जहां आइस रिंक की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां बर्फ पर स्केटिंग का अभ्यास करना बेहद कठिन था। विजयनगर स्थित स्मॉल वंडर स्कूल के छात्र श्रेष्ठ ने पिछले तीन-चार वर्षों से भंवरताल स्थित स्केटिंग कोर्ट और बल्देवबाग सीनियर सेकेंडरी स्कूल में रोलर स्केटिंग के जरिए आइस स्केटिंग की जटिल बारीकियों को साधा। प्रकाश मिश्रा के पौत्र और अनिल मिश्रा के सुपुत्र श्रेष्ठ के इस सफर में उनके कोच राम किशोर सोनी का मार्गदर्शन निर्णायक रहा, जिन्होंने सीमित संसाधनों में भी श्रेष्ठ को अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक से प्रशिक्षित किया।
राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन और रजत पदक जीतने के बाद अब श्रेष्ठ के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच के द्वार खुल गए हैं। आगामी समय में जर्मनी में आयोजित होने वाली इंटरनेशनल चैंपियनशिप के लिए भारतीय दल में उनके चयन की प्रबल संभावना बन गई है। स्पेशल ओलंपिक भारत के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. दीपांकर बनर्जी ने इसे मध्य प्रदेश के लिए गौरवशाली क्षण बताते हुए कहा कि यह मंच विशेष प्रतिभाओं को तराशने का कार्य करता है। कोच राम किशोर सोनी ने विश्वास जताया है कि यदि श्रेष्ठ का चयन होता है, तो वह जर्मनी में भी तिरंगा लहराकर पदक जीतकर लाएंगे।
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