सूरत, 17 जून (आईएएनएस)। गुजरात के जामनगर और वडोदरा महानगर पालिका कार्यालयों को बुधवार को ईमेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। धमकी मिलने के तुरंत बाद संबंधित नगर निगम भवनों को एहतियातन खाली कराया गया और सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक जांच अभियान शुरू कर दिया।
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सूरत, 17 जून (आईएएनएस)। गुजरात के जामनगर और वडोदरा महानगर पालिका कार्यालयों को बुधवार को ईमेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। धमकी मिलने के तुरंत बाद संबंधित नगर निगम भवनों को एहतियातन खाली कराया गया और सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक जांच अभियान शुरू कर दिया।
एसीपी आरआर अहीर ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "बम की धमकी वाला ईमेल मिलने के बाद सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के हेडक्वार्टर को खाली करा लिया गया। पुलिस, डॉग स्क्वॉड और बम डिस्पोजल टीमों ने इमारत की अच्छी तरह से तलाशी ली। लेकिन, अभी तक कुछ भी संदिग्ध बरामद नहीं हुआ है।"
उन्होंने कहा प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सबसे पहले जामनगर महानगर पालिका को एक धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें महानगर पालिका को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। सूचना मिलते ही प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भवन को खाली कराया और पुलिस, बम निरोधक दस्ता (बीडीडीएस) तथा डॉग स्क्वॉड की टीमों को मौके पर बुलाया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने परिसर के प्रत्येक हिस्से की गहन जांच की, लेकिन प्रारंभिक तलाशी में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
इसके बाद वडोदरा और सूरत नगर निगम को भी इसी प्रकार की धमकी भरे ईमेल प्राप्त हुए। सूरत नगर निगम (एसएमसी) के मुख्यालय को मिली धमकी के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तत्काल मोर्चा संभाल लिया। बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड तथा डॉग स्क्वॉड की टीमों ने निगम मुख्यालय, पार्किंग क्षेत्र और आसपास के परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भवन के सभी विभागों और कार्यालयों की बारीकी से जांच की गई।
उन्होंने बताया कि इस घटना के कारण निगम कर्मचारियों और विभिन्न कार्यों के लिए पहुंचे नागरिकों को समझाया गया और नहीं डरने की सलाह दी गई। प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
इस बीच, सूरत साइबर क्राइम ब्रांच और अन्य जांच एजेंसियों को भी मामले की जांच में शामिल किया गया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि धमकी भरा ईमेल किसने भेजा और इसका स्रोत क्या है। ईमेल की तकनीकी जांच की जा रही है तथा संबंधित डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है।
--आईएएनएस
एसएके/एबीएम
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