
मुंबई. बॉलीवुड की 'लेडी सुपरस्टार' कही जाने वाली तापसी पन्नू के लिए सुनहरे पर्दे का सफर इतना आसान नहीं था. हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान तापसी ने अपने शुरुआती संघर्षों पर खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि करियर के एक दौर में जब उनकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो रही थीं, तो इंडस्ट्री में उन्हें 'अनलकी' और 'पनौती' तक कहा जाने लगा था.
इंजीनियरिंग से ग्लैमर की दुनिया तक
दिल्ली के एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाली तापसी ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी. मॉडलिंग के जरिए साउथ फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने वाली तापसी वहां लंबे समय तक महज एक 'ग्लैमर डॉल' बनकर रह गईं. उन्होंने स्वीकार किया कि लगातार मिल रही असफलताओं ने उनके आत्मविश्वास को इस कदर तोड़ दिया था कि उन्हें अपनी काबिलियत और लुक्स पर भी संदेह होने लगा था.
पिंक: करियर का वह मोड़ जिसने सब बदल दिया
बॉलीवुड डेब्यू के बाद भी संघर्ष जारी रहा, लेकिन फिल्म 'पिंक' उनके करियर के लिए गेम-चेंजर साबित हुई. इस फिल्म ने न केवल दर्शकों की सोच बदली, बल्कि तापसी को एक गंभीर और सशक्त अभिनेत्री के रूप में स्थापित किया. तापसी कहती हैं, "उस असुरक्षा और संघर्ष ने ही मुझे मजबूत बनाया और सिखाया कि भेड़चाल के बजाय कंटेंट-ड्रिवन फिल्मों को चुनना ही मेरी असली ताकत है."
आज तापसी पन्नू किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं. उन्होंने साबित कर दिया है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो इंडस्ट्री के कड़े मापदंड और नकारात्मक टैग्स भी आपको आगे बढ़ने से नहीं रोक सकते.
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