
मुंबई. नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ को लेकर चर्चाएं तेज हैं. अब इस पर दिग्गज अभिनेता दारा सिंह के बेटे और एक्टर विंदू दारा सिंह ने अपनी बेबाक राय साझा की है. विंदू ने फिल्म के विजुअल्स की तारीफ तो की, लेकिन मेकर्स को एक सख्त 'नियम' याद दिलाया है.
रामानंद सागर की 'रामायण' से तुलना
विंदू दारा सिंह ने स्पष्ट किया कि भारतीय दर्शकों के दिलों में रामानंद सागर की 1987 वाली ‘रामायण’ एक अमिट छाप छोड़ चुकी है. उन्होंने कहा, "वह रामायण ऐतिहासिक है और नंबर वन है. हम सबके दिमाग में वही छवि बसी हुई है. अगर नई फिल्म उस स्तर से मेल खाती है, तो यह बॉक्स ऑफिस के सारे रिकॉर्ड तोड़ देगी."
कहानी में बदलाव पर जताई चिंता
विंदू ने फिल्म के लुक्स और किरदारों के चित्रण (विशेषकर असुरों के खतरनाक लुक) पर संकेत देते हुए कहा कि अगर कहानी में जरूरत से ज्यादा 'क्रिएटिव लिबर्टी' ली गई या बदलाव किए गए, तो लोग इसे स्वीकार नहीं करेंगे. उन्होंने फिल्म की भव्यता को 'खूबसूरत' बताते हुए आगाह किया कि रामायण की मूल आत्मा के साथ छेड़छाड़ जोखिम भरी हो सकती है.
हनुमान की विरासत और विंदू
गौरतलब है कि विंदू दारा सिंह के पिता, महान पहलवान और अभिनेता दारा सिंह ने रामानंद सागर की रामायण में 'हनुमान' का ऐसा जीवंत किरदार निभाया था जिसे आज भी मानक माना जाता है. ऐसे में विंदू की यह सलाह फिल्म के प्रति दर्शकों की उम्मीदों और संवेदनशीलता को दर्शाती है.
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