
जबलपुर. प्रदेश के बहुचर्चित और गंभीर स्वास्थ्य हादसे 'कोल्ड्रिफ कफ सिरप कांड' की सह-आरोपी ज्योति सोनी को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से बड़ी कानूनी राहत मिल गई है। शीर्ष अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए उन्हें नियमित जमानत (Regular Bail) दे दी है। ज्योति सोनी इस मामले के मुख्य आरोपी डॉ. प्रवीण सोनी की पत्नी हैं और जांच एजेंसियों द्वारा उन्हें जिला सप्लायर के रूप में आरोपी बनाया गया था। इससे पहले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया था।
ज्योति सोनी पर आरोप है कि उन्होंने मेडिकल स्टोर के माध्यम से निर्धारित दवाइयों के स्थान पर जहरीला और अमानक 'कोल्ड्रिफ कफ सिरप' सप्लाई व विक्रय कराया था। जांच के दौरान सिरप की बोतलों के स्टॉक, बिक्री के फर्जी रिकॉर्ड और कागजातों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां पाई गई थीं। पुलिस ने इस पूरे मामले में ज्योति सोनी समेत 11 लोगों को आरोपी बनाकर जेल भेजा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने फरवरी 2026 में उनकी जमानत अर्जी निरस्त कर दी थी। इसके बाद ज्योति सोनी ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की थी, जहां से अब उन्हें जमानत का आदेश मिल गया है।
अदालत से मिली इस राहत के बीच मामले की लोवर कोर्ट में सुनवाई का सबसे महत्वपूर्ण चरण शुरू होने जा रहा है। 10 अगस्त 2026 से निचली अदालत में इस केस का मुख्य ट्रायल शुरू होगा। इस दौरान अभियोजन पक्ष (पुलिस व सरकारी वकील) अदालत के समक्ष गवाहों के बयान दर्ज कराएंगे, साथ ही दवा सप्लाई के आधिकारिक दस्तावेज और फॉरेंसिक/साइंटिफिक जांच रिपोर्ट पेश करेंगे। वहीं, बचाव पक्ष के वकील इन साक्ष्यों और गवाहियों पर बहस करेंगे।
5 अक्टूबर 2025: केस के मुख्य आरोपी डॉ. प्रवीण सोनी को पुलिस ने पहली बार गिरफ्तार किया।
3 नवंबर 2025: पुलिस जांच के बाद सह-आरोपी ज्योति सोनी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
फरवरी 2026: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (जबलपुर) ने ज्योति सोनी की जमानत अर्जी खारिज की।
जुलाई/अगस्त 2026: सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए ज्योति सोनी को जमानत दी।
10 अगस्त 2026: निचली अदालत में गवाहों के बयान दर्ज करने के साथ मुख्य ट्रायल की शुरुआत होगी।
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