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कांग्रेस से भाजपा और अब टीवीके पहुंचीं विजयधारणी, फिर बदला सियासी ठिकाना


चेन्नई, 13 जून (आईएएनएस)। तमिलनाडु की वरिष्ठ नेता और विलावनकोड विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रह चुकीं विजयधारणी ने एक बार फिर राजनीतिक पाला बदलते हुए तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) का दामन थाम लिया है। शनिवार को उन्होंने चेन्नई के पनैयूर स्थित पार्टी मुख्यालय में वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में औपचारिक रूप से टीवीके की सदस्यता ग्रहण की।

चेन्नई, 13 जून (आईएएनएस)। तमिलनाडु की वरिष्ठ नेता और विलावनकोड विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रह चुकीं विजयधारणी ने एक बार फिर राजनीतिक पाला बदलते हुए तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) का दामन थाम लिया है। शनिवार को उन्होंने चेन्नई के पनैयूर स्थित पार्टी मुख्यालय में वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में औपचारिक रूप से टीवीके की सदस्यता ग्रहण की।

विजयधारणी ने फरवरी 2024 में लंबे समय तक कांग्रेस में रहने के बाद पार्टी छोड़ दी थी। इसके बाद उन्होंने अपनी विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा देकर नई दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व की मौजूदगी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ली थी।

दक्षिण तमिलनाडु में कांग्रेस का प्रमुख चेहरा रहीं विजयधारणी राज्य विधानसभा में पार्टी की मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) रह चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की महासचिव के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई थी। कांग्रेस छोड़ने का उनका फैसला कन्याकुमारी जिले में पार्टी के लिए बड़ा झटका माना गया था।

हालांकि भाजपा में उनका राजनीतिक सफर ज्यादा आगे नहीं बढ़ सका। पार्टी सूत्रों के अनुसार, लगभग दो वर्षों तक भाजपा में रहने के बावजूद उन्हें कोई महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारी नहीं मिली, जिससे वे असंतुष्ट थीं। पूर्व कांग्रेस सांसद एच. वसंतकुमार के निधन के बाद कन्याकुमारी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का मौका नहीं मिलने से भी वे निराश बताई जाती हैं।

हालिया विधानसभा चुनाव में भी उन्हें बड़ा झटका लगा। अपने पारंपरिक गढ़ विलावनकोड सीट से भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने वाली विजयधारणी को हार का सामना करना पड़ा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस समर्थक मतदाताओं की पार्टी के प्रति निष्ठा और क्षेत्र में टीवीके के उभरते प्रभाव के कारण उन्हें यह हार मिली।

सूत्रों के मुताबिक चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा संगठन के कुछ वर्गों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने से भी विजयधारणी नाराज थीं। पार्टी में सीमित संभावनाओं को देखते हुए उन्होंने पिछले कुछ महीनों में अन्य राजनीतिक विकल्प तलाशने शुरू कर दिए थे।

बताया जा रहा है कि टीवीके में शामिल होने से पहले उन्हें किसी विशेष पद का आश्वासन नहीं दिया गया। उनके साथ पूर्व एआईएडीएमके मंत्री पचामल, पूर्व सांसद बाला गंगा, वनरोजा, इलावरासन तथा एआईएडीएमके और एएमएमके के कई अन्य नेता भी टीवीके में शामिल हुए।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विजयधारणी के शामिल होने से कन्याकुमारी जिले में टीवीके का संगठनात्मक आधार मजबूत होगा और दक्षिण तमिलनाडु में पार्टी को भविष्य के चुनावों में फायदा मिल सकता है।

--आईएएनएस

डीएससी

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