Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

केरल: तीन पुराने मामलों की जांच के लिए सरकार ने गठित की एसआईटी


तिरुवनंतपुरम, 17 जून (आईएएनएस)। केरल पुलिस की विश्वसनीयता एक बार फिर चर्चा में है। मुख्यमंत्री वीडी सतीशन के कार्यभार संभालने के बाद तीन नई एसआईटी (विशेष जांच दल) गठित की गई हैं। ये एसआईटी तीन पुराने मामलों की जांच के लिए गठित की गई हैं, जो पूर्व सीएम पिनाराई विजयन की सरकार के दूसरे कार्यकाल के दौरान हुई थीं।

तिरुवनंतपुरम, 17 जून (आईएएनएस)। केरल पुलिस की विश्वसनीयता एक बार फिर चर्चा में है। मुख्यमंत्री वीडी सतीशन के कार्यभार संभालने के बाद तीन नई एसआईटी (विशेष जांच दल) गठित की गई हैं। ये एसआईटी तीन पुराने मामलों की जांच के लिए गठित की गई हैं, जो पूर्व सीएम पिनाराई विजयन की सरकार के दूसरे कार्यकाल के दौरान हुई थीं।

'काफिर स्क्रीनशॉट' विवाद, अलप्पुझा में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर कथित हमले और इंडिगो फ्लाइट में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं व पूर्व मंत्री ई.पी. जयराजन के बीच हुई बहस के मामले में दोबारा जांच शुरू हो गई है। ये ऐसे मामले थे, जो राजनीतिक से जुड़े हुए थे और जांच में कोई खास प्रगति नहीं हुई थी।

सबसे ताजा मामला बुधवार को सामने आया, जब यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ई.पी. जयराजन से जुड़े इंडिगो फ्लाइट घटना की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया।

यह घटना तब हुई थी जब यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तत्कालीन मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के खिलाफ नारेबाजी की थी। मुख्यमंत्री उस समय कन्नूर से तिरुवनंतपुरम जा रहे थे। उसी फ्लाइट में मौजूद ई.पी. जयराजन ने इस विरोध के दौरान हस्तक्षेप किया था।

कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि उनके साथ मारपीट हुई, लेकिन उस समय इस शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी।

एसआईटी के गठन पर मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने बुधवार को कहा कि यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा दर्ज की गई शिकायत पर उस समय कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।

फ्लाइट घटना अब तीसरा ऐसा राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामला है जिसकी दोबारा जांच शुरू की गई है।

'काफिर स्क्रीनशॉट' मामले में लंबे समय तक जांच में कोई बड़ी प्रगति नहीं हुई थी, लेकिन अब एसआईटी ने हाल ही में एक सीपीआई(एम) युवा विंग कार्यकर्ता को गिरफ्तार किया। बता दें कि 2024 लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान यह मामला एक बड़ा विवाद बना था।

अलप्पुझा मामले में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि विरोध प्रदर्शन के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री के सुरक्षा कर्मियों ने उन पर हमला किया। उस समय शिकायतों के बावजूद कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई थी।

अब इस मामले में संबंधित अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है, एसआईटी ने उनसे पूछताछ भी की और अभियोजन पक्ष ने केरल हाई कोर्ट में उनकी अग्रिम जमानत का विरोध किया है।

इन घटनाक्रमों ने एक बार फिर राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामलों में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्य सवाल यह है कि क्या जांच सभी मामलों में समान तेजी से होती है, चाहे संबंधित व्यक्ति का राजनीतिक प्रभाव कुछ भी हो।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

Share:

Leave A Reviews

Related News