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नई दिल्ली। केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने नई सरकार को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
चंद्रशेखर ने कहा, "हमारे लोकतंत्र में हर पांच साल में लोगों को वोट देने और एक नई सरकार चुनने का अवसर मिलता है और आज वही दिन है। हर लोकतंत्र में यह एक महत्वपूर्ण अवसर होता है। हमारे राज्य के लोकतंत्र में लोगों द्वारा तय की गई प्रक्रिया के माध्यम से एक सरकार चुनी गई है। इस आयोजन का हिस्सा बनना हमारा कर्तव्य है। हम यहां नई सरकार को अपनी शुभकामनाएं देने आए हैं।"
केरल के मेयर वीवी राजेश ने भी इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बताया और विभिन्न दलों के वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं की भागीदारी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक क्षण है और हमारे प्रदेश अध्यक्ष ने इस कार्यक्रम में शिरकत की।
कांग्रेस नेता के मुरलीधरन ने कहा कि उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारी को वह पूरी गंभीरता से निभा रहे हैं।
इस बीच, सोमवार सुबह तिरुवनंतपुरम के खचाखच भरे सेंट्रल स्टेडियम में जोरदार नारों के बीच वीडी सतीशन ने केरल के 13वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। इसके साथ ही 10 साल के अंतराल के बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) सरकार की औपचारिक वापसी हो गई।
जैसे ही केरल के गवर्नर राजेंद्र अर्लेकर ने उनका नाम पुकारा, भीड़ जोरदार नारों से गूंज उठी, पार्टी कार्यकर्ता झंडे लहरा रहे थे और कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन की सत्ता में वापसी का जश्न मनाते हुए नारे लगा रहे थे।
कार्यक्रम स्थल का माहौल कांग्रेस समर्थकों के लिए एक मजबूत 'राजनीतिक घर वापसी' का एहसास करा रहा था। इनमें से कई लोगों ने राज्य में पार्टी की सत्ता में वापसी के लिए एक दशक से भी ज्यादा समय तक इंतजार किया था।
केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाली पिछली यूडीएफ सरकार की कमान दिवंगत ओमन चांडी के हाथों में थी, जिन्होंने 2011 में शपथ ली थी।
सतीशान ने हजारों समर्थकों और गणमान्य व्यक्तियों की मौजूदगी में ईश्वर के नाम पर शपथ ली। राजनीतिक एकता के एक खास नज़ारे के तौर पर, कई पार्टियों के नेताओं और राष्ट्रीय स्तर की हस्तियों ने नए मुख्यमंत्री और उनके कैबिनेट सहयोगियों के साथ मंच साझा किया।
इस मौके पर मौजूद लोगों में कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, निवर्तमान मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, भाजपा नेता राजीव चंद्रशेखर समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल थे। कांग्रेस शासित राज्यों कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री भी इस मौके पर मौजूद थे।
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