
खंडवा जिले में शुक्रवार दोपहर एक बड़ा हादसा घटित हो गया। नवरात्रि पर्व के उपलक्ष्य में शहर के टपालचाल क्षेत्र में स्थापित करने के लिए बुरहानपुर से ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखकर लाई जा रही 15 फीट ऊंची मां दुर्गा की प्रतिमा ऊपर से गुजर रही 11 केवी हाईटेंशन विद्युत लाइन के संपर्क में आ गई। करंट फैलने से ट्रॉली में प्रतिमा को सहारा देकर बैठे चार युवक गंभीर रूप से झुलस गए। सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल खंडवा में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर और सामान्य बनी हुई है।
दुर्घटना शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ बजे इंदौर-एदलाबाद नेशनल हाईवे पर मोकलगांव टोल प्लाजा के पास हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टपालचाल दुर्गा उत्सव समिति के सदस्य ट्रैक्टर-ट्रॉली से प्रतिमा लेकर आ रहे थे। हाईवे के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन से प्रतिमा का ऊपरी मुकुट अचानक टकरा गया। तार छूते ही पूरी ट्रॉली में तीव्र करंट प्रवाहित हो गया। उस समय वाहन में कुल छह लोग सवार थे, जिनमें से प्रतिमा के पास बैठे चार युवक करंट की सीधी चपेट में आ गए।
दुर्गा उत्सव समिति के अध्यक्ष नितेश मेड़े ने बताया कि झुलसने वालों में विजय हाथमोड़े, गिरीश (पिता राजू), कपिल (पिता रमेश) और राजा शामिल हैं। घटना के फौरन बाद मौके पर पहुंची भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की एम्बुलेंस की मदद से चारों घायलों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने यह भी बताया कि प्रतिमा ले जा रहा वाहन हाईवे पर गलत दिशा (रॉन्ग साइड) में चल रहा था। हादसे के बाद इंदौर से बुरहानपुर मार्ग पर लंबा जाम लग गया, जिसे छैगांवमाखन थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सुचारू कराया।
छैगांवमाखन थाना प्रभारी एस.एन. पांडेय ने बताया कि खंडवा जिले में प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से निर्मित मूर्तियों के निर्माण और बिक्री पर वैधानिक प्रतिबंध लागू है। मिट्टी से 15 फीट जैसी विशालकाय प्रतिमाएं बनाना तकनीकी रूप से कठिन होने के चलते आयोजक पड़ोसी जिले बुरहानपुर से यह प्रतिमा बनवाकर ला रहे थे। पुलिस ने दुर्घटना के सभी पहलुओं, रॉन्ग साइड ड्राइविंग और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर औपचारिक जांच शुरू कर दी है।
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