
टीकमगढ़ जिले अंतर्गत खरगापुर स्थित 'जानकी बाई आवासीय हॉस्टल' से तीन मासूम स्कूली छात्रों के अचानक रहस्यमयी तरीके से गायब होने का मामला सामने आया है। मंगलवार सुबह जैसे ही परिजनों को इस बात की खबर लगी, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। बदहवास परिजन तुरंत खरगापुर थाने पहुंचे और बच्चों की गुमशुदगी की लिखित शिकायत दर्ज कराई।
लापता हुए छात्रों में दो कक्षा 7वीं और एक प्राथमिक कक्षा 4थी का मासूम छात्र शामिल है। परिजनों ने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाते हुए बच्चों को अविलंब सुरक्षित तलाशने की मांग की है।
आनंद अहिरवार: उम्र 13 वर्ष (कक्षा 7वीं का छात्र)
विशाल कुशवाहा: उम्र 12 वर्ष (कक्षा 7वीं का छात्र)
प्रमोद कुशवाहा: उम्र 9 वर्ष (कक्षा 4वीं का छात्र)
घटना प्रकाश में आने के बाद जब परिजन और स्थानीय लोग हॉस्टल पहुंचे, तो संचालक रमेश अहिरवार मौके से नदारद मिला। संचालक के इस तरह गायब होने से मामले में कई गंभीर आशंकाएं जन्म ले रही हैं।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि उक्त 'जानकी बाई आवासीय हॉस्टल' लंबे समय से बिना किसी वैध मान्यता और शासकीय अनुमति के अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था। चर्चा यह भी है कि खरगापुर और आसपास के अंचल में ऐसे कई अन्य आवासीय हॉस्टल भी शिक्षा विभाग के नाक के नीचे बिना पंजीयन के धड़ल्ले से चल रहे हैं। घटना के बाद हॉस्टलों के भौतिक सत्यापन और सुरक्षा मानकों को लेकर शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
शिकायत दर्ज होते ही खरगापुर पुलिस हरकत में आ गई है और बच्चों की बरामदगी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।
खरगापुर थाना प्रभारी अंबर सिंह सिकरवार ने बताया कि हॉस्टल परिसर और उसके आसपास मुख्य मार्गों पर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज बारीकी से खंगाले जा रहे हैं। इसके साथ ही नजदीकी रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और सार्वजनिक चौराहों की निगरानी बढ़ाई गई है ताकि बच्चों के मूवमेंट का सुराग लगाया जा सके। थाना प्रभारी के अनुसार, पुलिस और स्कूल शिक्षा विभाग की संयुक्त जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम और अवैध हॉस्टल संचालन की वस्तुस्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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