Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

खेती के क्षेत्र में हरियाणा की पहलों से सीख सकते हैं दूसरे राज्य: शिवराज सिंह चौहान


रेवाड़ी, 30 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को कहा कि देश के कई राज्य हरियाणा की कृषि पहलों से सीख सकते हैं। उन्होंने टिकाऊ और लाभदायक खेती को बढ़ावा देने की वकालत की।

रेवाड़ी, 30 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को कहा कि देश के कई राज्य हरियाणा की कृषि पहलों से सीख सकते हैं। उन्होंने टिकाऊ और लाभदायक खेती को बढ़ावा देने की वकालत की।

वे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ 'खेत बचाओ अभियान' के समापन समारोह में शामिल होने के लिए रेवाड़ी आए थे।

इस कार्यक्रम में दोनों ने खेती में नई खोजों को दिखाने वाली एक कृषि-औद्योगिक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और 'हरियाणा एफपीओ मिशन- 2026' लॉन्च किया।

इस कार्यक्रम में मिट्टी की सेहत बचाने, खाद का संतुलित और वैज्ञानिक इस्तेमाल करने, प्राकृतिक संसाधनों को बचाने, आधुनिक खेती की तकनीकों को आगे बढ़ाने और लोगों की भागीदारी से किसानों की आय बढ़ाने की कोशिशों को तेज करने का संकल्प दोहराया गया।

केंद्रीय मंत्री चौहान ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से एक विकसित देश बनने की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्नत खेती और समृद्ध किसानों के बिना विकसित भारत नहीं बनाया जा सकता।

उन्होंने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी समृद्धि ही भारत की समग्र प्रगति की नींव है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार खेती को ज्यादा लाभदायक, आधुनिक और टिकाऊ बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि वैज्ञानिक खेती, आधुनिक तकनीकों और किसानों की सक्रिय भागीदारी से भारत एक और भी मजबूत वैश्विक कृषि शक्ति के रूप में उभरेगा।

उन्होंने कहा कि हरियाणा ने पूरे देश के लिए कृषि विकास का एक प्रेरणादायक मॉडल पेश किया है। उन्होंने बताया कि हरियाणा 24 फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है। 'भावान्तर भरपाई योजना', 'मेरी फसल-मेरा ब्योरा' और 'मेरा पानी-मेरी विरासत' जैसी योजनाओं ने किसानों की आय में काफी बढ़ोतरी की है और प्राकृतिक संसाधनों को बचाया है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हरियाणा न केवल देश के अनाज भंडार में अहम योगदान देने वाला राज्य है, बल्कि कृषि में बदलाव का एक मजबूत केंद्र भी है।

उन्होंने कहा, "एक समय था जब भारत को विदेशों से अनाज आयात करना पड़ता था, लेकिन आज हरियाणा जैसे राज्यों के किसानों की कड़ी मेहनत की बदौलत देश अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर बन गया है।"

उन्होंने कहा कि हरियाणा के किसान देश के 1.4 अरब नागरिकों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। राज्य के युवा देश की सीमाओं की रक्षा करने और खेलों में नाम रोशन करने में भी उतने ही आगे हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा कृषि, सैन्य परंपरा और खेल में उत्कृष्टता के मामले में देश के लिए प्रेरणा है।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने किसानों से आग्रह किया कि वे खाद का इस्तेमाल केवल जरूरत के हिसाब से संतुलित मात्रा में करें। उन्होंने कहा कि यूरिया और डीएपी जैसे केमिकल फर्टिलाइजर का बहुत ज्यादा इस्तेमाल मिट्टी की उपजाऊ क्षमता पर बुरा असर डाल रहा है, पोषक तत्वों का संतुलन बिगाड़ रहा है और पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है।

इस मौके पर बोलते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भारत के कुल भौगोलिक क्षेत्र का सिर्फ 1.3 प्रतिशत हिस्सा होने के बावजूद हरियाणा ने खेती-बाड़ी के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाई है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा केंद्रीय अनाज भंडार में योगदान देने वाला दूसरा सबसे बड़ा राज्य है, जो यहां के किसानों की कड़ी मेहनत, लगन और समर्पण को दिखाता है।

मुख्यमंत्री ने हरियाणा को देश की खाद्य सुरक्षा का एक मजबूत आधार बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, मिट्टी की उपजाऊ क्षमता बनाए रखने और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है, ताकि भविष्य में भी हरियाणा देश के 'फूड बाउल' (अनाज के प्रमुख स्रोत) के तौर पर अपनी अहम भूमिका निभाता रहे।

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी

Share:

Leave A Reviews

Related News