
धार. मध्य प्रदेश के धार जिले के दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों में आज भी आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं. इसका एक प्रत्यक्ष उदाहरण शुक्रवार शाम धामनोद क्षेत्र के ग्राम कोठिदा में देखने को मिला, जहां एंबुलेंस न पहुंच पाने के कारण ग्रामीणों को एक गंभीर घायल व्यक्ति को खटिया (चारपाई) पर लिटाकर पहाड़ी से नीचे उतारना पड़ा.
यह घटना शुक्रवार शाम लगभग 5:52 बजे की है. ग्राम कोठिदा निवासी दिनेश नामक व्यक्ति किसी हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया था. घटनास्थल मुख्य सड़क से करीब दो किलोमीटर ऊपर एक दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में था. कच्चा और संकरा रास्ता होने के कारण 108 एंबुलेंस का वहां तक पहुंचना असंभव था.
पुलिस वाहन बना संजीवनी, बची जान
घटना की सूचना मिलते ही धामनोद पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंच गई थी. मुख्य सड़क पर 108 एंबुलेंस उपलब्ध न होने पर पुलिस कर्मियों ने तत्परता दिखाई. डायल-100/पुलिस आपातकालीन वाहन के चालक शरण राठौर और आरक्षक देवेंद्रसिंह डावर ने ग्रामीणों की मदद से घायल दिनेश को तुरंत पुलिस वाहन में बैठाया और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धामनोद पहुंचाया.
चिकित्सकों ने तुरंत इलाज शुरू किया, जिससे समय पर उपचार मिलने के कारण घायल की स्थिति में सुधार हुआ और उसे खतरे से बाहर बताया गया. पुलिस की इस मानवीय और त्वरित भूमिका की स्थानीय लोगों ने सराहना की है, लेकिन साथ ही दूरस्थ पहाड़ी इलाकों में लचर स्वास्थ्य सेवाओं और एंबुलेंस की अनुपलब्धता को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश भी देखा जा रहा है.
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