
जबलपुर. संस्कारधानी जबलपुर में गरीबी रेखा (BPL) राशन कार्डों के सत्यापन के दौरान एक हैरान कर देने वाला बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है. जिले में चलाए गए विशेष जांच अभियान के तहत 5 हजार से अधिक ऐसे संपन्न परिवार पकड़े गए हैं, जिनकी सालाना आय 6 लाख रुपये से अधिक है, फिर भी वे पिछले कई सालों से गरीबों के हक का राशन (सरकारी अनाज) डकार रहे थे. मामले का खुलासा होते ही जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए इन सभी अपात्र परिवारों के बीपीएल कार्ड तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं.
25 लाख सालाना आय और GST जमा करने वाले भी बने थे 'गरीब'
प्रशासनिक जांच में सामने आए आंकड़े चौंकाने वाले हैं. कुल 4,998 परिवार ऐसे मिले हैं, जिनकी वार्षिक आय 6 लाख रुपये से ज्यादा है. वहीं, 525 परिवारों के सदस्य पंजीकृत निजी कंपनियों में डायरेक्टर या उच्च पदों पर कार्यरत पाए गए हैं. इतना ही नहीं, जांच में करीब 40 से 45 परिवार ऐसे भी चिन्हित किए गए हैं, जिनकी सालाना कमाई 25 लाख रुपये से अधिक है और वे नियमित रूप से जीएसटी (GST) फाइल कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद बीपीएल सूची में शामिल होकर रियायती राशन ले रहे थे.
पोर्टल से हटाए जा रहे नाम, SDM कोर्ट में देनी होगी सफाई
फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने अपात्र हितग्राहियों के नाम समग्र पोर्टल और बीपीएल सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसके साथ ही प्रशासन ने सभी संबंधित कार्डधारकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.
अपात्र पाए गए लोगों को संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (SDM) के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब दाखिल करना होगा. उन्हें यह स्पष्ट करना होगा कि वे किस आधार पर और कब से बीपीएल कार्ड का लाभ ले रहे थे, साथ ही अपनी वर्तमान आय के वैध दस्तावेज भी प्रस्तुत करने होंगे. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो संबंधितों के खिलाफ वसूली और वैधानिक कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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