
मुरैना. जिले के अलावा पड़ोसी जिलों श्योपुर और शिवपुरी में हो रही मूसलाधार बारिश के चलते नदियां उफान पर हैं, जिससे मुरैना का सबसे बड़ा 'पगारा डैम' आधी रात को ओवरफ्लो हो गया. डैम का जलस्तर खतरे के निशान यानी 522 फीट पर पहुंचते ही इसके सभी छह ऑटोमैटिक गेट एक-एक कर स्वतः खुल गए. जलस्तर कम होने तक पानी निकासी का यह क्रम लगातार जारी है.
क्वारी नदी का उफान और डूबे रपटे

पगारा बांध से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण आसन नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है. जिला प्रशासन ने संभावित खतरे को देखते हुए 30 से अधिक गांवों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है. उधर, क्वारी नदी का जलस्तर बढ़ने से बागचीनी, पलपुरा और बिसंगपुर गांव की पुलिया और रपटे पूरी तरह डूब गए हैं. इन रपटों पर पांच से सात फीट तक पानी बहने के कारण दो दर्जन से अधिक गांवों का सड़क संपर्क और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है.
कैलारस में बाढ़ जैसे हालात
लगातार हो रही बारिश से कैलारस कस्बे में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो गई है. हालात यह हैं कि पुलिस थाना, तहसील, जनपद पंचायत समेत कई प्रमुख सरकारी कार्यालयों के परिसरों में पानी भर गया है. कैलारस तहसील के करीब छह गांवों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत व सुरक्षा के उपाय किए जा रहे हैं.
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