
रामनगर/मैहर. मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों के साथ एक बार फिर यूज एंड थ्रो जैसा व्यवहार किया गया है. लोक शिक्षण संचालनालय, गौतम नगर भोपाल से 02/09/2026 को जारी आदेश क्रमांक / अतिथि शिक्षक / निर्देश / 2026-27 / 2141 ने हजारों अतिथि शिक्षकों के भविष्य पर तलवार लटका दी है.
क्या है आदेश में?
संचालनालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शालाओं में रिक्त पदों के विरुद्ध शैक्षणिक व्यवस्था हेतु अतिथि शिक्षक आमंत्रित किए गए थे, लेकिन अब नई भर्ती से शिक्षकों की पदस्थापना हो गई है. संबंधित पद के विरुद्ध रिक्त पद उपलब्ध न होने पर जिले / संस्थान में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को रिलीव किया जाना है.
अगर एक ही विषय में एक से अधिक अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं और रिक्त पद एक ही है, तो एक अतिथि शिक्षक को रिलीव करने हेतु ये कार्यवाही होगी -
1. यदि एक ही विषय के दो अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं तथा दोनों विगत वर्ष भी कार्यरत थे, तो वर्तमान स्कोर कार्ड के आधार पर जिसके स्कोर कार्ड में कम अंक है, उसे हटाया जाए.
2. यदि एक ही विषय के दो अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं तथा एक विगत वर्ष से तथा एक इस वर्ष में कार्यरत है, तो इस वर्ष से कार्यरत को हटाया जाए.
3. यदि एक ही विषय के दो अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं तथा दोनों इसी वर्ष से कार्यरत हैं, तो स्कोर कार्ड के आधार पर मेरिट क्रम में कम अंक वाले अतिथि को हटाया जाए.
अतिथि शिक्षकों में आक्रोश -
अभी कई जिलों में अतिथि शिक्षकों की जॉइनिंग तक पूरी नहीं हुई थी और भोपाल से रिलीविंग का आदेश आ गया. दो दशकों से कम मानदेय पर स्कूलों को संभालने वाले अतिथि शिक्षकों ने इसे सरकार का "यूज एंड थ्रो" मॉडल बताया है.
अतिथि शिक्षक संघ ने पूछा है कि जब नई भर्ती होनी थी तो GFMS पोर्टल पर जॉइनिंग क्यों कराई? हजारों बेरोजगारों से दस्तावेज सत्यापन, स्कूल जॉइनिंग कराने के बाद अब बाहर का रास्ता दिखाना कहां का न्याय है?
सरकार को इस तुगलकी फरमान पर पुनर्विचार करना चाहिए.
Leave A Reviews