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सागर जहरीली शराब कांड: 29 लोगों की मौत के बाद एक्शन, मुख्य आरोपियों के घरों पर चला प्रशासन का बुलडोजर


सागर. मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से हुई 29 लोगों की दर्दनाक मौत के मामले में शासन-प्रशासन ने अब बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है. बुधवार और गुरुवार को पुलिस, राजस्व और नगर परिषद की संयुक्त कार्रवाई के तहत मौत के इन सौदागरों के अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चला दिया गया है. प्रशासन की इस बड़ी कार्रवाई से अपराधियों और शराब माफियाओं में हड़कंप मच गया है.

मुख्य आरोपियों के घरों पर प्रशासन का शिकंजा
भारी पुलिस बल और राजस्व अमले के साथ प्रशासनिक टीमें मुख्य आरोपी व आबकारी ठेकेदार मनीष लोधी उर्फ यशवंत सिंह ठाकुर के बंडा स्थित घर पर पहुंचीं. इसके अलावा, इस कांड के दूसरे मुख्य आरोपी ततरवारा के सरपंच चंद्र भान उर्फ चंदू सिंह राजपूत के मकान पर भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है.

प्रशासन ने कार्रवाई से पहले ही मंगलवार और बुधवार को दोनों आरोपियों के मकानों का सीमांकन (नपती) कर उन्हें नोटिस जारी कर दिया था. आरोपी चंदू राजपूत को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि मुख्य सरगना मनीष लोधी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर फरार चल रहा है.

फरार आरोपियों पर इनाम घोषित, सरगर्मी से तलाश जारी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मुख्य आरोपी मनीष लोधी शराब की नई खेप तैयार करवाने के बाद बिहार निकल गया था. रास्ते में सतना पहुंचते ही उसे मौतों के इस सनसनीखेज खुलासे की जानकारी मिली, जिसके बाद से वह लगातार फरार है.

पुलिस ने मुख्य आरोपी मनीष लोधी और अंतरराज्यीय शराब तस्कर रवि लखेरा की गिरफ्तारी पर 20-20 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है.

अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10-10 हजार रुपए का इनाम रखा गया है. पुलिस की कई टीमें इनकी तलाश में दबिश दे रही हैं.

मक्के के खेत में चल रही थी अवैध शराब की फैक्ट्री
जांच में खुलासा हुआ है कि जिस जहरीली शराब पीने से 29 लोगों की जान गई, उसकी 50 पेटियां ततरवारा गांव के एक सूने मक्के के खेत में अवैध रूप से संचालित फैक्ट्री में तैयार की गई थीं. आरोपी चंदू राजपूत, बरेठी शराब दुकान का लाइसेंसदार मनीष लोधी और छतरपुर का कुख्यात शराब तस्कर रवि लखेरा इस पूरे सिंडिकेट के मास्टरमाइंड हैं.

रवि लखेरा वही शातिर अपराधी है, जिसे कुछ समय पहले ललितपुर पुलिस ने नकली शराब फैक्ट्री चलाते हुए पकड़ा था. जेल से बाहर आने के बाद उसने सागर में फिर से यह काला कारोबार शुरू कर दिया था. रवि ने ही स्पिरिट से सस्ती और खतरनाक शराब बनाने की तकनीक सिखाई थी. आरोपियों ने पैकेजिंग मशीन मंगवाकर 'सागर गोल्ड' के नकली रैपर और ढक्कन लगाकर इस जहर को पैक किया था.

मिथाइल अल्कोहल ने बढ़ाई तबाही
शराब में 'मिथाइल अल्कोहल' की मात्रा अत्यधिक बढ़ाए जाने के कारण यह पूरी तरह जहरीली हो गई थी. जब आरोपियों को पुलिस कार्रवाई की भनक लगी, तो उन्होंने सबूत मिटाने के लिए कई सामग्रियां और अवैध शराब को जलाने का भी प्रयास किया. हालांकि, पुलिस ने इसके बावजूद मौके से 147 लीटर शराब, 164 खाली-भरी शीशियां, हीटर, ढक्कन, लेबल और पैकेजिंग का सामान बरामद कर लिया था.

गांव-गांव और ढाबों पर बेची जा रही थी मौत
यह जहरीली शराब महज 50 रुपए में और ढाबों पर महज 30 रुपए में धड़ल्ले से बेची जा रही थी, जबकि असली शराब की कीमत बाजार में 70 रुपए तक थी. आरोपियों ने अपने गुर्गों के माध्यम से इसे नौराज, गूगरा, पाटन और छापरी समेत आसपास के तमाम गांवों में सप्लाई किया था, जिसने 29 परिवारों को उजाड़ कर रख दिया. प्रशासन की इस बुलडोजर कार्रवाई से साफ है कि सरकार इस मानवीय त्रासदी के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शने के मूड में नहीं है.

Date & Time : 2026-09-10 08:34:11

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