मुंबई, 22 सितंबर (आईएएनएस)। पूरे महाराष्ट्र में सूखे के बिगड़ते हालात को देखते हुए अजित पवार की पार्टी राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने रविवार, 27 सितंबर को नासिक में होने वाला अपना एक दिन का राज्य स्तरीय चिंतन शिविर टाल दिया है।
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मुंबई, 22 सितंबर (आईएएनएस)। पूरे महाराष्ट्र में सूखे के बिगड़ते हालात को देखते हुए अजित पवार की पार्टी राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने रविवार, 27 सितंबर को नासिक में होने वाला अपना एक दिन का राज्य स्तरीय चिंतन शिविर टाल दिया है।
पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने मंत्री छगन भुजबल से मीटिंग और पार्टी सांसद पार्थ पवार से बात करने के बाद इस फैसले की आधिकारिक घोषणा की।
लंबे समय तक सूखे की वजह से खड़ी फसलें बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई हैं, जिससे किसान गंभीर वित्तीय संकट में फंस गए हैं। जहां राज्य सरकार राहत के उपायों का आकलन कर रही है, वहीं विपक्षी पार्टियों ने प्रभावित किसानों के लिए बिना शर्त फाइनेंशियल मदद की मांग करते हुए दबाव बढ़ा दिया है।
पार्टी के बड़े नेताओं ने चेतावनी दी कि एक हाई-प्रोफाइल पॉलिटिकल गैदरिंग करने से पार्टी की पब्लिक इमेज को नुकसान होगा। अंदरूनी सोच-विचार के बाद इवेंट पर फिर से सोचने की मांग तेज हो गई, जिससे आखिरकार इसे पोस्टपोन कर दिया गया।
मंत्री छगन भुजबल नासिक कैंप होस्ट कर रहे थे, जिसकी तैयारियां पहले से ही चल रही थीं। पार्टी ने नासिक के होटलों में मंत्रियों, विधायकों और वरिष्ठ नागरिक के रहने का इंतजाम किया था।
हालांकि, कई नेताओं ने तर्क दिया कि गंभीर कृषि संबंधी संकट के दौरान एक शानदार पॉलिटिकल इवेंट होस्ट करने से गलत मैसेज गया। इवेंट पोस्टपोन करके पार्टी का मकसद किसान समुदाय के प्रति एक हमदर्दी और रिस्पॉन्सिव रुख दिखाना है।
टाइमिंग को और मुश्किल बनाते हुए कृषि मंत्री दत्ता भरणे ने 26 सितंबर को नासिक में एक रीजनल सूखे की रिव्यू मीटिंग बुलाई है। नेताओं को उम्मीद थी कि कैंप के दौरान सूखे के मैनेजमेंट पर पार्टी के रुख पर मीडिया में कड़ी जांच होगी, जिससे यह इवेंट राजनीतिक रूप से सेंसिटिव हो जाएगा। इन बातों को ध्यान में रखते हुए सुनेत्रा पवार ने मीटिंग पूरी तरह से कैंसिल करने का फैसला किया।
एनसीपी ने एकता के लिए एक रोडमैप, 22 जिला परिषदों के चुनावों की स्ट्रैटेजी, बूथ-लेवल के कैडर में जोश भरने के लिए सुनेत्रा पवार, मंत्रियों और पार्टी के पदाधिकारियों के राज्य भर के दौरे और वोटर एनरोलमेंट पर चर्चा करने का प्रस्ताव रखा था।
एनसीपी का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब लंबे समय से सूखे और अनियमित मानसून ने महाराष्ट्र के खेती वाले इलाकों, खासकर मराठवाड़ा और विदर्भ, को बुरी तरह प्रभावित किया है। सूखे की घोषणा और राहत पैकेज की मांग उठ रही है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को हुई वीकली कैबिनेट मीटिंग के बाद राहत के उपायों के बारे में जरूरी फैसले लेने के लिए रेवेन्यू मिनिस्टर की अगुवाई में एक कैबिनेट सब-कमेटी बनाने की घोषणा की।
इस बीच सुनेत्रा पवार ने पार्टी के मंत्रियों, विधायकों और ऑफिस वालों से अपील की कि वे राहत के उपायों पर फोकस करने और अपने-अपने इलाकों में सूखे के संभावित संकट से निपटने के लिए लोकल एडमिनिस्ट्रेशन के साथ मिलकर काम करें।
--आईएएनएस
डीकेपी/
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