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मैसूरु में पीएम मोदी का भव्य स्वागत, सीएम शिवकुमार ने भेंट की शॉल और गुलदस्ता


मैसूरु, 1 अगस्त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को मैसूरु पहुंचे। यहां वे रामकृष्ण विद्याशाला में विवेका स्मारक के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए।

मैसूरु, 1 अगस्त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को मैसूरु पहुंचे। यहां वे रामकृष्ण विद्याशाला में विवेका स्मारक के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए।

हेलीपैड पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। उन्होंने पीएम मोदी को शॉल और गुलदस्ता भेंट किया। इस दौरान कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत भी मौजूद रहे।

पीएम मोदी के दौरे को लेकर ऐतिहासिक और सांस्कृतिक नगरी मैसूरु को पूरी तरह से पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। शहर भर में अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम, सड़कों को बंद करना और ट्रैफिक प्रतिबंध लागू किए गए।

प्रधानमंत्री रामकृष्ण आश्रम में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र (विवेका स्मारक) का उद्घाटन करेंगे। यह स्मारक स्वामी विवेकानंद की 1892 में मैसूरु यात्रा की याद में बनाया गया है।

कार्यक्रम में कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार भी शामिल हुए और उन्होंने प्रधानमंत्री की अगवानी की।

सुरक्षा के लिहाज से, शहर में दक्षिण क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) एम.बी. बोरलिंगैया की निगरानी में 1000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया।

सुरक्षा दल में 1 एसपी, 1 पुलिस कमिश्नर, 4 अतिरिक्त एसपी, 18 पुलिस इंस्पेक्टर, 40 सब-इंस्पेक्टर, 550 पुरुष पुलिसकर्मी, 350 महिला पुलिसकर्मी और 250 होमगार्ड शामिल थे।

पुलिस ने रामकृष्ण आश्रम, ओवल ग्राउंड, मैसूरु एयरपोर्ट और प्रधानमंत्री के काफिले के मार्ग पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की। वीवीआईपी आवागमन के लिए शहर की 12 प्रमुख सड़कों पर यातायात बंद कर दिया गया।

पीएम मोदी रामकृष्ण आश्रम स्थित विवेका स्मारक पहुंचकर स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र और विवेका स्मारक का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वे रामकृष्ण आश्रम स्कूल का दौरा करेंगे और विशेष विमान से मैसूरु एयरपोर्ट से नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे।

स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र को 1892 में स्वामी विवेकानंद की मैसूरु यात्रा की याद में बनाया गया है। यह 1893 में शिकागो में विश्व धर्म संसद में उनके ऐतिहासिक भाषण से पहले भारत भर की उनकी आध्यात्मिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव था।

--आईएएनएस

डीएससी

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