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'मन की बात' में पीएम मोदी ने बस्ती के आकाश का किया जिक्र, बोले- शिकायत नहीं, शुरुआत को बनाया मंत्र


नई दिल्ली, 31 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम के 134वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने बस्ती जिले के आकाश गुप्ता के काम का जिक्र किया।

नई दिल्ली, 31 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम के 134वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने बस्ती जिले के आकाश गुप्ता के काम का जिक्र किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आपमें से बहुत लोगों की नदी, तालाब और कुएं के पानी से जुड़ी यादें जरूर होंगी। किसी को तालाब में तैरना याद होगा, किसी को दोस्तों के साथ तालाब किनारे खेलना, किसी को उस मिट्टी की खुशबू याद होगी। बचपन की ऐसी यादें जीवनभर मन में बसी रहती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी ही यादों को बचाने के लिए एक प्रेरक गाथा उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से सामने आई है।

पीएम ने कहा कि बस्ती के आकाश गुप्ता अपने गांव की मनोरमा नदी को देखकर बहुत दुखी होते थे क्योंकि जिस नदी को उन्होंने बचपन में साफ और जीवंत देखा था। समय के साथ उस नदी में प्लास्टिक जमा होने लगा था। गंदगी बढ़ती चली जा रही थी। आकाश ने तय किया कि शिकायत नहीं करेंगे बल्कि एक नई शुरुआत करेंगे। शिकायत नहीं, शुरुआत मंत्र बन गया।

पीएम ने कहा कि उन्होंने अपने दोस्तों को साथ लिया। सिर्फ जाल था, फावड़ा था, टोकरी थी और सबसे बड़ी ताकत थी कि कुछ बदलने का संकल्प। ये युवा नदी में उतरते थे, जलकुंभी निकालते थे। प्लास्टिक और कचरा बाहर लाते थे। कई बार एक दिन में 50-60 किलो तक कचरा नदी से निकाला गया। धीरे- धीरे मनोरमा नदी का वह हिस्सा फिर से साफ दिखने लगा। आसपास के लोगों का ध्यान भी इस काम की तरफ गया। लोगों में स्वच्छता को लेकर जागरुकता बढ़ी।

वहीं, पीएम ने गोवा के एक अध्यापक का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गोवा के बालकृष्ण अइया जी रिटायर्ड अध्यापक हैं लेकिन समाज के लिए काम करने का उनका उत्साह आज भी वैसा ही है। उन्हें मड्डी-तोलाप इलाके में पानी की समस्या बहुत परेशान करती थी। उन्होंने भी समाधान के लिए काम शुरू किया। बालकृष्ण जी ने पाइप लाइन बिछाने के काम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इससे कई घरों तक पानी पहुंचा। जिन परिवारों को पानी के लिए रोज संघर्ष करना पड़ता था, उनके लिए यह बहुत बड़ी राहत बनी।

--आईएएनएस

एसडी/पीएम

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