
मंडला। मंडला जिला अस्पताल परिसर में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब वहां भर्ती एक मानसिक रूप से विक्षिप्त युवक ने अस्पताल की दूसरी मंजिल से छलांग लगा दी। इस आत्मघाती कदम के बाद अस्पताल में मौजूद मरीज के परिजनों और स्टाफ के बीच अफरा-तफरी मच गई। घटना में युवक को गंभीर चोटें आई हैं, जिसके बाद उसे प्राथमिक उपचार देकर जबलपुर रेफर कर दिया गया है।
अचानक ऊपर पहुंचा और लगा दी छलांग प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक मानसिक रूप से अस्वस्थ था और अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। सोमवार को अचानक वह किसी को बिना कुछ बताए अस्पताल की दूसरी मंजिल पर पहुंच गया। वहां मौजूद लोग जब तक कुछ समझ पाते, युवक ने रेलिंग पार कर नीचे छलांग लगा दी। जमीन पर गिरते ही युवक लहूलुहान हो गया, जिसे देख लोग उसे बचाने के लिए दौड़े।
हालत गंभीर, जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद स्टाफ ने घायल युवक को उठाकर इमरजेंसी वार्ड पहुँचाया। डॉक्टरों की टीम ने तत्काल उसका प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें होने के कारण उसकी हालत नाजुक बनी हुई थी। स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है, जहां वह विशेषज्ञों की निगरानी में है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल इस घटना ने जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर एक मानसिक रूप से बीमार मरीज सुरक्षाकर्मियों और वार्ड स्टाफ की नजरों से बचकर दूसरी मंजिल तक कैसे पहुंच गया? विशेष रूप से विक्षिप्त मरीजों की निगरानी के लिए अस्पताल प्रबंधन के पास क्या पुख्ता इंतजाम हैं, इसे लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है।
पुलिस कर रही है जांच घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को जांच में लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे उन परिस्थितियों का पता लगा रहे हैं जिनमें मरीज ने यह कदम उठाया। अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज और ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ के बयानों के आधार पर मामले की तह तक जाने की कोशिश की जा रही है।
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