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रतलाम में कुएं का दूषित पानी पीने से 100 से ज्यादा ग्रामीण बीमार, स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप


रतलाम: मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से एक बड़ी लापरवाही और स्वास्थ्य संकट की खबर सामने आई है। यहां के पिपलोदा क्षेत्र के आजमपुर डोडिया गांव में दूषित पानी (Contaminated Water) पीने की वजह से 100 से अधिक लोग अचानक बीमार पड़ गए। शुक्रवार शाम को बड़ी संख्या में ग्रामीणों को पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत होने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सभी प्रभावितों को इलाज के लिए पिपलोदा स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।

एक ही कुएं पर निर्भर है पूरा गांव

आजमपुरा डोडिया आयाना ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले इस गांव की कुल आबादी लगभग 600 है। ग्रामीणों के मुताबिक, पूरे गांव में पीने के पानी का एकमात्र स्रोत यहां स्थित एक पुराना कुआं ही है। गांव के अधिकांश लोग इसी कुएं के पानी का इस्तेमाल करते हैं। शुक्रवार को इसी कुएं का दूषित पानी (Contaminated Water) पीने के बाद एक के बाद एक दर्जनों ग्रामीण बीमार होने लगे, जिससे स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन में खलबली मच गई।

अस्पताल में भर्ती कराए गए मरीज, कुछ को मिली छुट्टी

बड़ी संख्या में मरीजों के सामने आने के बाद पिपलोदा अस्पताल में विशेष इंतजाम किए गए। कई गंभीर मरीजों का इलाज अभी भी अस्पताल में जारी है, जबकि मामूली रूप से प्रभावित कुछ ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार और दवाइयां देकर घर भेज दिया गया है। डॉक्टरों और स्वास्थ्य विभाग की एक विशेष टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि संक्रमण को आगे फैलने से रोका जा सके।

जांच के लिए पानी के सैंपल लिए गए

घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार पिंकी साठे, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग और स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी दल-बल के साथ गांव पहुंचे। पीएचई की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कुएं के पानी के नमूने (सैंपल्स) एकत्र किए हैं, जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पानी में मिले प्रदूषण के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

टैंकरों से शुरू की गई सुरक्षित पानी की सप्लाई

प्रशासन ने एहतियात के तौर पर ग्रामीणों के उस कुएं से पानी भरने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। गांव में पेयजल का कोई दूसरा साधन न होने के कारण फिलहाल प्रशासन टैंकरों के जरिए सुरक्षित और साफ पानी पहुंचा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में स्थाई तौर पर साफ पेयजल की व्यवस्था की जाए ताकि भविष्य में ऐसी गंभीर स्थिति दोबारा पैदा न हो।

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