
मुरैना. चंबल नदी से रेत के अवैध खनन और उसके अवैध परिवहन पर पूरी तरह से नकेल कसने के लिए जिले के आला अधिकारी अब मैदान में उतर आए हैं। माफियाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रशासन और पुलिस की टीमें लगातार रतजगा (नाइट पेट्रोलिंग) कर रही हैं। इसी कड़ी में बीती रात कलेक्टर और एसपी ने खुद कमान संभालते हुए नदी के घाटों पर अचानक दबिश दी, जिससे रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया।
बीती रात करीब 2 बजे मुरैना कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ और एसपी धर्मराज मीना दलबल के साथ नगरा थाना क्षेत्र के कुल्हाड़ा घाट पर पहुंचे। इस औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) से पहले दोनों अधिकारियों ने अंबाह के कुथियाना घाट का भी बारीकी से मुआयना किया था। कलेक्टर और एसपी को अचानक रात के अंधेरे में घाट पर देखकर वहां तैनात अमले में भी खलबली मच गई।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर जांगिड़ ने घाट पर तैनात वन विभाग की टीम और पुलिस बल से अवैध रेत खनन गतिविधियों, रेत परिवहन की व्यवस्था, सुरक्षा मानकों और शासन द्वारा निर्धारित नियमों के पालन की विस्तृत जानकारी ली।
कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ के सख्त निर्देश: "खनन और परिवहन से जुड़ा हर कार्य पूरी पारदर्शिता और निर्धारित मानकों के अनुरूप ही संचालित होना चाहिए। यदि किसी भी स्तर पर कोई अनियमितता या ढिलाई पाई जाती है, तो संबंधितों के खिलाफ तत्काल और सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।"
मौके पर मौजूद एसपी धर्मराज मीणा ने भी पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था और चौकसी बढ़ाने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि:
नियमित निगरानी: रेत घाटों और परिवहन के मुख्य मार्गों पर 24 घंटे पैनी नजर रखी जाए।
सख्त एक्शन: अवैध परिवहन, ओवरलोडिंग और खनिज नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के मामलों में बिना किसी देरी के त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जाए।
संयुक्त कार्रवाई: प्रशासन और पुलिस का संयुक्त अमला लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहेगा ताकि कानून व्यवस्था और खनिज नियमों का कड़ाई से पालन कराया जा सके।
प्रशासन और पुलिस की इस संयुक्त और अचानक होने वाली कार्रवाई से साफ है कि अब मुरैना में रेत माफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।
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