
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार की साइबर सुरक्षा शाखा एमपी-सर्ट ने प्रदेश के सरकारी पोर्टलों को लेकर एक गंभीर चेतावनी जारी की है। दुनिया भर की लगभग 70 फीसदी वेबसाइटों में इस्तेमाल होने वाले पीएचपी सॉफ्टवेयर के मुख्य इंजन में दो बड़ी सुरक्षा खामियां पाई गई हैं। इन खामियों की वजह से साइबर हमलावर बिना किसी यूजर आईडी और पासवर्ड के अनधिकृत अनुरोध भेजकर सर्वर पर पूरा नियंत्रण हासिल कर सकते हैं। प्रदेश के लगभग 30 सरकारी विभागों की वेबसाइट इस खतरे के दायरे में आ गई हैं, जिसके बाद सभी विभागों और सेवा प्रदाताओं को तत्काल सुरक्षा पैच अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं।
तकनीकी जांच से सामने आया है कि यह खामी वेबसाइट के मूल इंजन की मेमोरी सुरक्षा से जुड़ी हुई है। हैकर्स इसका फायदा उठाकर डेटाबेस के पासवर्ड, गोपनीय चाबियां और उपयोगकर्ताओं के सक्रिय सत्र टोकन चुरा सकते हैं। वर्डप्रेस, ड्रुपल और जूमला जैसे लोकप्रिय मंचों पर बनी वेबसाइटें भी इस जोखिम से अछूती नहीं हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह तकनीकी चूक पीएचपी के पुराने संस्करणों में पिछले 10 वर्षों से मौजूद थी, जिसे हाल ही में सुरक्षा शोधकर्ताओं ने एआई मॉडल की मदद से संभावित हमलों का प्रदर्शन करके उजागर किया है।
एमपी-सर्ट ने राज्य के सभी विभागों को अपने सर्वर पर चल रहे पीएचपी के संस्करण की तत्काल जांच करने को कहा है। अधिकारियों ने आधिकारिक सुरक्षा पैच लगाने और उसके बाद बैकएंड सेवाओं को फिर से शुरू करने की सलाह दी है। पीएचपी किसी भी वेबसाइट को चलाने वाला मुख्य प्रोग्रामिंग इंजन होता है, जिससे फॉर्म भरने और परिणाम देखने जैसी ऑनलाइन सेवाएं काम करती हैं। चेतावनी जारी होने से पहले भी सुरक्षा टीमों ने कुछ तकनीकी कमजोरियों को चिन्हित किया था, जिन पर अब तेजी से सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
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