
नरसिंहपुर जिले अंतर्गत चांवरपाठा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत हीरापुर में एक किसान के कुएं में विशालकाय मगरमच्छ मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। लगभग 7 फीट लंबा यह मगरमच्छ पिछले सात दिनों से कुएं के गहरे पानी में फंसा हुआ था। बुधवार को वन विभाग की विशेष रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर घंटों की मशक्कत के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित बाहर निकाला, जिसके बाद स्थानीय ग्रामीणों और किसानों ने राहत की सांस ली।
जानकारी के अनुसार, संबंधित किसान जब अपने खेत में सिंचाई के लिए कुएं के पास गया, तब उसे पानी में तैरता हुआ मगरमच्छ दिखाई दिया। किसान ने तत्काल इसकी सूचना ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव और वन विभाग के मैदानी अमले को दी थी। इसके बावजूद कई दिनों तक रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू नहीं हो सका। कुएं में मगरमच्छ की मौजूदगी के कारण किसान अपने खेतों में जाने और सिंचाई करने से डर रहे थे, जिससे आसपास के क्षेत्र में लगातार भय का वातावरण बना हुआ था।
ग्रामीणों के लगातार बढ़ते आक्रोश और मामले के तूल पकड़ने के बाद बुधवार को वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थिति का संज्ञान लिया। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर तकनीकी उपकरणों और जाल के साथ वन विभाग की रेस्क्यू टीम हीरापुर गांव पहुंची। टीम ने सावधानीपूर्वक कुएं में रस्सियों और जाल का फंदा डालकर करीब 7 फीट लंबे मगरमच्छ को सुरक्षित काबू में किया और बाहर निकाला। प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित रूप से उसके प्राकृतिक जल स्रोत में छोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई।
हालांकि, मगरमच्छ के सुरक्षित बाहर निकलने से ग्रामीणों को राहत तो मिल गई, लेकिन सूचना देने के बावजूद सात दिनों तक कार्रवाई न होने से वन विभाग की मैदानी सतर्कता और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया जाता तो कोई बड़ा हादसा भी हो सकता था।
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