
भोपाल। मध्य प्रदेश में बच्चों और महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार लाने के लिए 9वें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का भव्य आयोजन 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक किया जा रहा है। इस वर्ष पूरे अभियान को ‘हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ की प्रेरणादायी थीम पर केंद्रित किया गया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया बुधवार को इंदौर से इस एक माह तक चलने वाले राज्यस्तरीय अभियान का औपचारिक शुभारंभ करेंगी। इस वृहद अभियान के तहत स्थानीय एवं मौसमी खाद्य पदार्थों के उपयोग, आहार में पर्याप्त प्रोटीन, खान-पान में विविधता, और प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल पर विशेष रूप से जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का शत-प्रतिशत लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठाए जाएंगे।
पूरे माह के दौरान प्रदेश के पंचायत भवनों, शासकीय स्कूलों और सामुदायिक भवनों में विशेष पोषण मेलों एवं पारंपरिक रेसिपी प्रदर्शनियों का आयोजन होगा। इन आयोजनों में टेक होम राशन और गर्म पके भोजन के साथ-साथ स्थानीय दालों, चना, मूंगफली, सोयाबीन, दूध और पौष्टिक मोटे अनाजों से तैयार व्यंजनों का लाइव प्रदर्शन किया जाएगा। ‘Know Your Protein—अपने प्रोटीन को पहचानें’ अभियान के माध्यम से ग्रामीण और शहरी परिवारों को कम लागत वाले स्थानीय प्रोटीन स्रोतों और संतुलित थाली के महत्व के प्रति जागरूक किया जाएगा। 3 से 6 वर्ष के बच्चों को आंगनवाड़ियों में ताजा और स्वच्छ नाश्ता उपलब्ध कराने के साथ ही साप्ताहिक मेन्यू बोर्ड भी प्रदर्शित किए जाएंगे ताकि भोजन की गुणवत्ता पर मातृ सहयोगिनी समितियां सीधी निगरानी रख सकें।
अभियान के अंतर्गत 11 सितंबर से प्रदेशभर में विशेष शारीरिक माप दिवस आयोजित किए जाएंगे, जहां जन्म से 6 वर्ष तक के सभी बच्चों का वजन, लंबाई और ऊंचाई का सटीक रिकॉर्ड लेकर पोषण ट्रैकर ऐप में दर्ज किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य गंभीर तीव्र कुपोषण, मध्यम तीव्र कुपोषण और गंभीर रूप से कम वजन वाले बच्चों को समय रहते चिन्हित करना है। नवीन चिन्हित बच्चों का c-MAM प्रोटोकॉल के तहत तुरंत पंजीकरण कर उनका साप्ताहिक फॉलोअप सुनिश्चित किया जाएगा। स्वास्थ्य जांच के दौरान जिन बच्चों को चिकित्सीय देखभाल की आवश्यकता होगी, उन्हें तत्काल पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती कराकर उपचार दिलाया जाएगा, जबकि केंद्र से स्वस्थ होकर लौटे बच्चों की निरंतर निगरानी की जाएगी।
गर्भावस्था से लेकर शिशु के जीवन के प्रारंभिक 1000 दिनों को बच्चे के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए सबसे संवेदनशील माना जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता संशोधित गृह भेंट मॉड्यूल के अनुसार 0 से 3 वर्ष के बच्चों वाले परिवारों के घर-घर जाकर परामर्श देंगी। पालकों को शिशु आहार, नियमित स्तनपान, प्रारंभिक उद्दीपन और खेल आधारित गतिविधियों के संबंध में व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा बाल चौपाल, कहानी सत्र, रोल-प्ले और पपेट शो के जरिए बच्चों के भाषा और सामाजिक विकास को गति दी जाएगी, साथ ही अभिभावकों को प्रतिदिन कम से कम 15 मिनट बच्चों के साथ संवाद करने और खेलने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के अंतर्गत प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के तहत पात्र गर्भवती और धात्री माताओं को शत-प्रतिशत वित्तीय सहायता पहुंचाने के लिए संतृप्ति अभियान चलाया जाएगा। पोर्टल पर पंजीकरण के अलावा फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम, सत्यापन और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) से जुड़े सभी लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित समाधान किया जाएगा। प्रथम बच्चे की दूसरी किश्त के लिए अनिवार्य टीकाकरण की समय पर प्रविष्टि कराने और दूसरे प्रसव में बालिका के जन्म पर मिलने वाले विशेष लाभ के प्रति महिलाओं को जागरूक किया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही लाभ से वंचित न रहे।
इस अभियान को मात्र एक सरकारी कार्यक्रम न रखकर जनभागीदारी का एक व्यापक सामाजिक आंदोलन बनाया जा रहा है। पंचायतों, स्व-सहायता समूहों, आशा कार्यकर्ताओं, स्थानीय शिक्षकों और सामाजिक संगठनों को सीधे इस मुहिम से जोड़ा गया है। आंगनवाड़ी केंद्रों के रखरखाव, स्वच्छता और बच्चों की ऊंचाई के अनुसार दर्पण लगाने जैसे नवाचारों में जनसहयोग लिया जा रहा है। लोक स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायत, खाद्य, कृषि, आयुष और खेल सहित कई विभाग मिलकर इस अभियान को सफल बनाने में जुटे हैं, जिसकी प्रतिदिन की रिपोर्टिंग उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरों के साथ केंद्र सरकार के जन आंदोलन डैशबोर्ड पर दर्ज की जाएगी।
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