
सतना। मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना’ को महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए सतना की अधिवक्ता श्रेया पाण्डेय ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से योजना के नवीन पंजीयन शीघ्र शुरू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में भी बड़ी संख्या में ऐसी पात्र महिलाएं हैं, जो तकनीकी कारणों, जागरूकता के अभाव या अन्य परिस्थितियों के चलते अब तक इस योजना से नहीं जुड़ सकी हैं। ऐसी सभी वंचित बहनों को योजना का लाभ दिलाने के लिए नए सिरे से आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ की जानी चाहिए।
अधिवक्ता श्रेया पाण्डेय ने कहा कि लाड़ली बहना योजना महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान करने में मील का पत्थर साबित हुई है। प्रतिमाह मिलने वाली सहायता राशि से महिलाएं न केवल अपनी छोटी-मोटी व्यक्तिगत जरूरतों को सम्मानपूर्वक पूरा कर रही हैं, बल्कि पारिवारिक और घरेलू खर्चों में भी महत्वपूर्ण योगदान दे पा रही हैं। इस योजना ने महिलाओं के आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और वित्तीय आत्मनिर्भरता को मजबूत किया है।
श्रेया पाण्डेय ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार महिला सशक्तीकरण और जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। ऐसे में जो महिलाएं पात्रता की सभी शर्तें पूरी करने के बावजूद अब तक पंजीयन से छूट गई हैं, उन्हें इस सुरक्षा चक्र से जोड़े बिना योजना का उद्देश्य पूरी तरह साकार नहीं हो सकता।
उन्होंने मुख्यमंत्री से विशेष आग्रह किया कि प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर छूटी हुई महिलाओं के लिए पोर्टल पुनः खोला जाए और शिविर लगाकर आवेदन स्वीकार किए जाएं। सरकार का यह कदम हजारों वंचित परिवारों को सीधी राहत और आर्थिक सुरक्षा देगा।
अधिवक्ता श्रेया पाण्डेय ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार हमेशा की तरह संवेदनशील रुख अपनाते हुए इस जनहितैषी मांग पर त्वरित और सकारात्मक निर्णय लेगी। नए चरण के पंजीयन शुरू होने से पात्र महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
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