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नीट पेपर लीक पर विपक्ष हमलावर, सरकार की मंशा पर उठाया सवाल, लगाया लापरवाही का आरोप


नई दिल्ली, 13 मई (आईएएनएस)। नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार, एनटीए और शिक्षा मंत्री पर निशाना साधा। शिवसेना (यूबीटी), तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और राजद समेत कई विपक्षी दलों ने सरकार पर भ्रष्टाचार और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है।

नई दिल्ली, 13 मई (आईएएनएस)। नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार, एनटीए और शिक्षा मंत्री पर निशाना साधा। शिवसेना (यूबीटी), तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और राजद समेत कई विपक्षी दलों ने सरकार पर भ्रष्टाचार और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है।

मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "23 लाख से ज्यादा छात्रों ने परीक्षा दी थी। उन्होंने उम्मीद की थी कि एनटीए और सरकार पेपर लीक रोकेगी और परीक्षा निष्पक्ष होगी, लेकिन पेपर लीक हो गया, जिसके कारण परीक्षा रद्द करनी पड़ी। 2024 में भी इसी तरह की समस्या ने लगभग 24 लाख छात्रों को प्रभावित किया। छात्रों और अभिभावकों ने विरोध प्रदर्शन किया, और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। जांच का वादा किया गया, समिति बनी, लेकिन रिपोर्ट अब तक लंबित है।"

उन्होंने आगे कहा, "इसी शिक्षा मंत्री के कार्यकाल में 2025 के यूजीसी दिशानिर्देशों ने भी विवाद खड़ा किया। छात्रों का मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य लगातार प्रभावित हो रहा है। बार-बार पेपर लीक की घटनाएं उनकी सालों की मेहनत को बर्बाद कर रही हैं। यह भ्रष्ट व्यवस्था को दर्शाता है। शिक्षा मंत्री से लेकर वरिष्ठ नौकरशाहों तक सभी को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।"

दिल्ली में टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि पेपर लीक में भाजपा कार्यकर्ताओं और राजस्थान के मंत्रियों-विधायकों के संबंध हैं। उन्होंने दिनेश बिवाल और मांगीलाल बिवाल का जिक्र करते हुए कहा कि ये दोनों भाजपा के स्थानीय चुनाव लड़ने वाले कार्यकर्ता थे, जो पकड़े जा चुके हैं।

कीर्ति आजाद ने कहा, "जब यह साफ हो चुका है कि राजस्थान के मंत्रियों और विधायकों से संबंध हैं तो सीबीआई जांच का क्या फायदा? 2024 में भी सीबीआई जांच की बात कही गई थी, लेकिन भाजपा के लोग ईमानदार निकले? उन्होंने पेपर खरीदा और बेचा। ये लोग चोरी में माहिर हैं, वोटों की चोरी, नीट की चोरी, नौकरियों की चोरी। प्रधानमंत्री रोजगार देने की बात करते हैं, लेकिन 24 लाख युवाओं का रोजगार छीन लिया गया है।"

राजद सांसद मनोज झा ने कहा, "नीट एग्जाम के लिए बच्चे सालों से तैयारी करते हैं। अचानक पता चलता है कि परीक्षा कैंसिल हो गई, क्योंकि पेपर लीक हो गया। व्यवस्था में नीचे से ऊपर तक माफिया सिंडिकेट काम कर रहा है। 2024 में भी हमने संसद में यह मुद्दा उठाया था। सरकार कुछ नहीं करेगी, सिर्फ सीबीआई का ढोंग रचेगी। कुछ दिन बाद सब शांत हो जाएगा।"

उन्होंने सवाल उठाया, "उन परिवारों का क्या होगा जिनके सपनों पर कुठाराघात हुआ है? क्या वे फिर से उतने संसाधनों के साथ तैयारी कर पाएंगे?"

विपक्षी दलों ने एक स्वर में शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग की है। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। विपक्ष का कहना है कि नीट परीक्षा जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा को बार-बार विवादों में घसीटना छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी

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