
पटना. बिहार की राजनीति में गुरुवार को उस वक्त बड़ा मोड़ आ गया जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपना नामांकन पत्र दाखिल करने विधानसभा पहुंचे. सबसे चौंकाने वाली तस्वीर तब दिखी जब मुख्यमंत्री आवास से नीतीश कुमार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और नितिन नवीन एक ही गाड़ी में सवार होकर विधानसभा के लिए रवाना हुए. यह दृश्य बिहार में नई सत्ता संरचना और भाजपा-जदयू के बीच गहरे तालमेल की ओर इशारा कर रहा है.
इससे पहले नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अपनी राज्यसभा जाने की इच्छा जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ने का ऐलान किया. उन्होंने इसे अपनी 'संसदीय इच्छा' बताया. हालांकि, इस फैसले से जदयू (JDU) कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है. पटना स्थित जदयू दफ्तर में नाराज कार्यकर्ताओं ने जमकर तोड़फोड़ की, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
विपक्ष का हमला: 'महाराष्ट्र मॉडल' का आरोप
नीतीश कुमार के इस कदम पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने तीखा हमला बोला है. तेजस्वी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने बिहार में 'महाराष्ट्र मॉडल' लागू किया है. उन्होंने कहा कि भाजपा ने नीतीश कुमार को इतना मानसिक तौर पर प्रताड़ित (टॉर्चर) किया कि उन्हें इस्तीफा देने पर मजबूर होना पड़ा. तेजस्वी ने चेतावनी दी कि भाजपा अपने सहयोगियों को खत्म करने की राजनीति कर रही है.
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