Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

ऑनलाइन बाल यौन शोषण के बढ़ते संकट को लेकर पाकिस्तान में बढ़ रही चिंताएं


इस्लामाबाद, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान दक्षिण एशिया के उन देशों में से एक है जो ऑनलाइन बाल शोषण से सबसे अधिक प्रभावित हैं। पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग (एचआरसीपी) के अनुसार एक तुलनात्मक अध्ययन में प्रति 10,000 लोगों पर लगभग 41.3 मामले बाल यौन शोषण सामग्री के संपर्क में आने के दर्ज किए गए हैं।

इस्लामाबाद, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान दक्षिण एशिया के उन देशों में से एक है जो ऑनलाइन बाल शोषण से सबसे अधिक प्रभावित हैं। पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग (एचआरसीपी) के अनुसार एक तुलनात्मक अध्ययन में प्रति 10,000 लोगों पर लगभग 41.3 मामले बाल यौन शोषण सामग्री के संपर्क में आने के दर्ज किए गए हैं।

अपनी नवीनतम रिपोर्ट में, एचआरसीपी ने कहा कि निष्कर्षों ने पाकिस्तान की भूमिका को न केवल पीड़ित होने के केंद्र के रूप में, बल्कि ऐसी सामग्री की मांग, उत्पादन और प्रसार के वैश्विक नेटवर्क में एक केंद्र के रूप में भी उजागर किया है, जिसे बड़े पैमाने पर अनियमित डिजिटल अवसंरचनाओं द्वारा सुगम बनाया गया है।

मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए आयोग ने कहा कि मई 2025 में पाकिस्तान की राष्ट्रीय साइबर अपराध जांच एजेंसी (एनसीसीआईए) ने पंजाब प्रांत के मुजफ्फरगढ़ जिले में देश के सबसे भयावह बाल यौन शोषण नेटवर्क में से एक का चुपचाप भंडाफोड़ किया।

मानवाधिकार संगठन ने बताया कि इस अभियान में एक अंतरराष्ट्रीय समूह का पर्दाफाश हुआ, जिसका नेतृत्व कथित तौर पर एक जर्मन नागरिक कर रहा था। जर्मन नागरिक ने छह से दस वर्ष की आयु के बच्चों को बहलाने-फुसलाने, प्रशिक्षित करने और उनका शोषण करने के लिए एक तथाकथित 'फाइट क्लब' की स्थापना की थी।

रिपोर्ट के अनुसार डिजिटल कैमरों और हाई-स्पीड इंटरनेट से लैस इस क्लब ने अधिकारियों के अनुसार 'अत्याधुनिक सुविधाएं' प्रदान कीं, जबकि साथ ही साथ गुप्त रूप से डार्क वेब पर दुर्व्यवहार की रिकॉर्डिंग और लाइव-स्ट्रीमिंग करके अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को बेचा गया। जांचकर्ताओं ने पुष्टि की कि फुटेज हजारों डॉलर में बेची गई और कम से कम 50 बच्चे इसके शिकार हुए।

नागरिक समाज संगठनों द्वारा दस्तावेजित बाल शोषण के भयावह पैमाने पर प्रकाश डालते हुए मानवाधिकार आयोग ने इस्लामाबाद स्थित संगठन साहिल की वार्षिक रिपोर्ट, 'क्रूर संख्या 2024' का हवाला दिया, जिसमें देश भर में बाल शोषण के 3,364 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें यौन शोषण, अपहरण और बाल विवाह शामिल हैं।

रिपोर्ट में कहा गया कि “हालांकि, ये आंकड़े केवल दर्ज की गई घटनाओं को दर्शाते हैं। कम रिपोर्टिंग, कलंक और नौकरशाही की अपारदर्शिता के कारण अधिकांश मामले, विशेष रूप से ऑनलाइन दुर्व्यवहार से जुड़े मामले, दर्ज नहीं किए जाते हैं।

अधिकार निकाय ने डिजिटल अधिकार विशेषज्ञों की चिंताओं का हवाला दिया, जिन्होंने चेतावनी दी है कि पाकिस्तान में बच्चे अभूतपूर्व पैमाने पर अनुचित सामग्री के संपर्क में आ रहे हैं, और तकनीकी पहुंच के साथ जोखिम बढ़ रहे हैं।

इसमें आगे कहा गया कि व्यापक कनेक्टिविटी, कमजोर नियामक निगरानी और सीमित डिजिटल साक्षरता ने पाकिस्तानी बच्चों को ऑनलाइन चैनलों के माध्यम से यौन शोषण, ब्लैकमेल, यौन उत्पीड़न और तस्करी के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील बना दिया है।

एचआरसीपी ने कहा कि बच्चों को ऑनलाइन सुरक्षा प्रदान करने में विफलता केवल एक तकनीकी चूक नहीं है, बल्कि शासन और अधिकारों का एक व्यापक संकट है।

इसने इस बात पर प्रकाश डाला कि पाकिस्तान में ऑनलाइन बाल यौन शोषण और दुर्व्यवहार राज्य की जवाबदेही, तकनीकी विनियमन और सामाजिक चुप्पी के परस्पर संबंध में निहित है, जहां ऐसे मामलों को सामने आने पर निंदा की जाती है, फिर उन्हें अनदेखा कर दिया जाता है।

--आईएएनएस

एमएस/

Date & Time : 2026-10-28 18:15:06

Share:

Leave A Reviews

Related News