
नई दिल्ली. AIMIM चीफ और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने निर्देशक आदित्य धर की हालिया रिलीज फिल्म 'धुरंधर 2' पर कड़ा प्रहार किया है. एक नेशनल समिट के दौरान ओवैसी ने फिल्म को पूरी तरह 'बकवास' करार देते हुए आरोप लगाया कि इसमें केवल हिंसा और एक विशेष समुदाय के खिलाफ नफरत परोसी गई है.
मेरे पास इतना फालतू वक्त नहीं: ओवैसी
टाइम्स समिट में जब ओवैसी से फिल्म के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने अपने चिर-परिचित बेबाक अंदाज में कहा:
"क्या वो पिक्चर है? तीन घंटे की कोरी बकवास! मेरे पास इतना फालतू वक्त नहीं है कि मैं तीन घंटे बैठकर ऐसी फिल्में देखूं. मैं बस इतनी उम्मीद करता हूं कि जब मैं एक घंटा बोलूं, तो लोग मुझे सुनें."
मुसलमानों को गाली देना जरूरी है क्या?
ओवैसी ने फिल्म की विषयवस्तु पर सवाल उठाते हुए इसे हिंसा को बढ़ावा देने वाला बताया. उन्होंने कहा कि फिल्म देखने के बाद मन में यह सवाल उठता है कि क्या फिल्म बनाने के लिए मुसलमानों को गाली देना और उन्हें निशाना बनाना अनिवार्य हो गया है? उन्होंने इसे समाज में जहर घोलने की कोशिश करार दिया.
जब होस्ट ने तर्क दिया कि दुनिया इस फिल्म को पसंद कर रही है और बॉक्स ऑफिस पर यह हिट है, तो ओवैसी ने हैदराबादी अंदाज में जवाब दिया:
"हम हैदराबाद में बोलते हैं कि प्यारे, इन चीजों को दिल पर मत लो, मुर्दे पर लो. तो हम भी इसे 'मुर्दे पर लेकर' (अनदेखा कर) छोड़ देते हैं."
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