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पाकिस्तान के बलूचिस्तान में गर्ल्स कॉलेज पर गोलीबारी, तीन छात्राएं घायल; एक की हालत गंभीर


क्वेटा, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के नुश्की जिले में स्थित गर्ल्स डिग्री कॉलेज में नकाबपोश बंदूकधारियों ने गोलीबारी की, जिसमें कम से कम तीन छात्राएं घायल हो गईं। स्थानीय मीडिया ने कॉलेज प्रशासन के हवाले से बुधवार को यह जानकारी दी।

क्वेटा, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के नुश्की जिले में स्थित गर्ल्स डिग्री कॉलेज में नकाबपोश बंदूकधारियों ने गोलीबारी की, जिसमें कम से कम तीन छात्राएं घायल हो गईं। स्थानीय मीडिया ने कॉलेज प्रशासन के हवाले से बुधवार को यह जानकारी दी।

कॉलेज प्रशासन के अनुसार, मंगलवार को तीन हथियारबंद लोग कॉलेज परिसर में घुस आए। उन्होंने निगरानी कैमरों को नुकसान पहुंचाया और प्रिंसिपल के कार्यालय में तोड़फोड़ की। इसके बाद उन्होंने छात्राओं पर गोलीबारी की। घायल छात्राओं को इलाज के लिए नुश्की के मीर गुल खान नसीर टीचिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। ‘द बलूचिस्तान पोस्ट’ की रिपोर्ट के मुताबिक, घायलों में से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायल छात्राओं की पहचान काजियाबाद की महमूना और मरियम तथा बलूचिस्तान के किल्ली मेंगल इलाके की रुखसाना के रूप में हुई है।

इस हमले की मानवाधिकार संगठनों और छात्र संगठनों ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने बलूचिस्तान के शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। बलूच स्टूडेंट्स एक्शन कमेटी (बीएसएसी) ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों को एक बार फिर निशाना बनाया जा रहा है, जिससे छात्रों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

संगठन ने कहा कि छात्राएं और छात्र दोनों अपनी सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता के माहौल में हैं। पहले शिक्षकों और प्रोफेसरों को निशाना बनाया गया और अब छात्रों पर हमले हो रहे हैं। इससे शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो रहा है। संगठन के मुताबिक, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण जरूरी है, जहां छात्र बिना किसी डर के पढ़ाई कर सकें। बीएसएसी ने कहा कि स्कूलों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में हाल के दिनों में बढ़ती हिंसक घटनाएं निंदनीय हैं। संगठन ने आरोप लगाया कि शिक्षकों, प्रोफेसरों और छात्रों की सुरक्षा के लिए किए गए इंतजामों में गंभीर कमियां हैं, जिससे बलूचिस्तान में साक्षरता को नुकसान पहुंच रहा है।

इस बीच, मानवाधिकार संगठन बलूच यकजहती कमेटी (बीवाईसी) ने गर्ल्स कॉलेज में गोलीबारी के साथ-साथ कादिराबाद इलाके में विजन पब्लिक स्कूल को हथियारबंद लोगों द्वारा जबरन बंद कराए जाने की भी कड़ी निंदा की। संगठन ने इन दोनों घटनाओं के लिए पाकिस्तानी अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। बीवाईसी ने आरोप लगाया कि शिक्षित बलूच महिलाओं को डराने और उन्हें शिक्षा से दूर रखने की कोशिश की जा रही है। संगठन के बयान के अनुसार, हमले का उद्देश्य छात्राओं और उनके परिवारों में डर पैदा करना है, ताकि वे लड़कियों को स्कूल भेजने से हिचकिचाएं।

संगठन ने बताया कि गर्ल्स कॉलेज पर हमले से कुछ समय पहले हथियारबंद लोग कादिराबाद स्थित विजन पब्लिक स्कूल में घुस आए थे। उन्होंने बच्चों को परेशान किया, स्कूल बंद करा दिया और दोबारा स्कूल खोलने पर प्रशासन को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। बलूच वॉयस फॉर जस्टिस (बीवीजे) ने भी छात्राओं पर हमले को लेकर गंभीर चिंता जताई। संगठन ने दावा किया कि नुश्की में पिछले कई महीनों से पाकिस्तानी सैन्य घेराबंदी जैसी स्थिति बनी हुई है और कर्फ्यू जैसा माहौल है।

संगठन के अनुसार, ऐसे कड़े सुरक्षा माहौल में हथियारबंद लोगों का गर्ल्स कॉलेज में घुसना, सीसीटीवी कैमरों और प्रिंसिपल के कार्यालय को नुकसान पहुंचाना तथा छात्राओं पर गोली चलाना सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता को दर्शाता है। बलूच वुमेन फोरम (बीडब्ल्यूएफ) ने भी दिनदहाड़े हुए हमले की निंदा की। संगठन ने कहा कि बलूचिस्तान में शिक्षा से वंचित रहने की समस्या पहले से ही गंभीर है। ऐसे में यदि छात्राओं पर हमले जारी रहते हैं और दोषियों को सजा नहीं मिलती, तो स्थिति और खराब हो सकती है। संगठन ने कहा कि यदि छात्राएं खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करेंगी, तो इसका असर उन सभी परिवारों पर पड़ेगा जिनकी बेटियां शिक्षा हासिल कर रही हैं या रोजगार के लिए बाहर निकल रही हैं।

--आईएएनएस

डीएससी

Date & Time : 2026-10-28 15:30:06

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