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पश्चिम बंगाल: बांकुड़ा में दामोदर नदी किनारे मिला द्वितीय विश्व युद्ध का मोर्टार शेल, सेना को दी गई सूचना


कोलकाता, 8 सितंबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में दामोदर नदी के किनारे द्वितीय विश्व युद्ध का एक पुराना मोर्टार शेल मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शेल मिलने की सूचना मिलते ही पुलिस ने क्षेत्र को घेराबंदी कर सुरक्षित कर दिया और भारतीय सेना को इसकी जानकारी दी।

कोलकाता, 8 सितंबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में दामोदर नदी के किनारे द्वितीय विश्व युद्ध का एक पुराना मोर्टार शेल मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शेल मिलने की सूचना मिलते ही पुलिस ने क्षेत्र को घेराबंदी कर सुरक्षित कर दिया और भारतीय सेना को इसकी जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार, सोमवार शाम सोनामुखी क्षेत्र में दामोदर नदी के किनारे कुछ स्थानीय लोगों ने मिट्टी में आंशिक रूप से दबा हुआ धातु का एक संदिग्ध गोला देखा। इससे पहले यह किसी की नजर में नहीं आया था। सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने सोनामुखी थाने को इसकी जानकारी दी।

पुलिस ने तत्काल इलाके को सील कर दिया और सेना को बुलाया। मंगलवार सुबह भारतीय सेना के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मोर्टार शेल और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया।

बांकुड़ा जिले में द्वितीय विश्व युद्ध के समय इस्तेमाल किए गए मोर्टार शेल मिलने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी द्वारकेश्वर और दामोदर नदी के आसपास विस्फोटकों से भरे ऐसे कई धातु के गोले बरामद हो चुके हैं। कुछ महीने पहले सोनामुखी थाना क्षेत्र के दिहीपाड़ा इलाके में भी तीन मोर्टार शेल मिले थे, जिन्हें सेना ने निष्क्रिय किया था।

बांकुड़ा क्रिश्चियन कॉलेज में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के प्रभारी प्रोफेसर अरुणाभ बंद्योपाध्याय ने बताया कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बांकुड़ा के पियरडोबा इलाके में ब्रिटिश और अमेरिकी वायुसेना का एक महत्वपूर्ण सैन्य अड्डा था। रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस अड्डे से जापान समेत दक्षिण-पूर्व एशिया के कई देशों पर अभियान चलाए जाते थे।

उन्होंने कहा कि युद्ध के बाद वहां मौजूद कई हथियार मिट्टी और रेत के नीचे दब गए थे। समय-समय पर इन मोर्टार शेल की बरामदगी उसी ऐतिहासिक सैन्य गतिविधि की गवाही देती है।

गौरतलब है कि अक्टूबर 2025 में भी पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के बोलपुर क्षेत्र में द्वितीय विश्व युद्ध का एक बम मिला था, जिसे भारतीय सेना ने सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया था। उस दौरान हुए नियंत्रित विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास के गांवों में भी कंपन महसूस किया गया था।

--आईएएनएस

डीएससी

Date & Time : 2026-09-08 17:20:02

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