Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

पश्चिम बंगाल नगर पालिका भर्ती घोटाला : ईडी ने पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक सुजीत बोस को किया गिरफ्तार


कोलकाता, 15 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में कथित नगर पालिका भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक सुजीत बोस को गिरफ्तार किया है।

कोलकाता, 15 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में कथित नगर पालिका भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक सुजीत बोस को गिरफ्तार किया है।

ईडी की कोलकाता जोनल ऑफिस ने 11 मई 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 की धारा 19(1) के तहत उन्हें गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें कोलकाता स्थित विशेष अदालत बिचार भवन में पेश किया गया, जहां अदालत ने ईडी को 10 दिनों की हिरासत दी है।

ईडी के मुताबिक, जांच के दौरान सुजीत बोस को कई बार पूछताछ के लिए समन भेजे गए, लेकिन वह लगातार किसी न किसी बहाने से पेश होने से बचते रहे। एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने बार-बार समय मांगा और पूछताछ के दौरान भी सहयोग नहीं किया।

ईडी का दावा है कि जांच में यह सामने आया है कि नौकरी दिलाने के बदले सुजीत बोस को कई फ्लैट मिले थे, जो सीधे तौर पर अपराध से अर्जित संपत्ति हैं। इसके अलावा करोड़ों रुपए नकद लेने और उसे अपने कारोबारी उपक्रमों के जरिए ठिकाने लगाने के भी आरोप लगे हैं।

यह जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। यह एफआईआर कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देश पर दर्ज हुई थी। ईडी ने अदालत में दायर अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि पश्चिम बंगाल की विभिन्न नगरपालिकाओं में भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं।

ईडी की जांच में पहले शिक्षक भर्ती घोटाले के दौरान कारोबारी अयान सिल और अन्य लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। वहां से कई अहम दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए थे। जांच में पता चला कि यह घोटाला सिर्फ शिक्षकों की भर्ती तक सीमित नहीं था, बल्कि कई नगरपालिकाओं में मजदूर, स्वीपर, क्लर्क, चपरासी, एम्बुलेंस अटेंडेंट, पंप ऑपरेटर, हेल्पर, ड्राइवर और अन्य पदों पर भी अवैध नियुक्तियां की गई थीं।

ईडी के अनुसार विभिन्न नगर निगमों और नगरपालिकाओं की भर्ती प्रक्रिया का ठेका एक ही कंपनी को दिया गया था, जिसके निदेशक अयान सिल थे। एजेंसी का आरोप है कि प्रश्न पत्र छापने, ओएमआर शीट तैयार करने और मूल्यांकन की जिम्मेदारी संभालने वाली इस कंपनी ने ओएमआर शीट में हेरफेर कर अयोग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति करवाई।

इस मामले में ईडी पहले भी सुजीत बोस और पश्चिम बंगाल सरकार के पूर्व मंत्री रथिन घोष समेत कई लोगों के ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है। छापों के दौरान करीब 3.45 करोड़ रुपए नकद, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए थे।

ईडी ने इस मामले में अयान सिल के खिलाफ पहले ही विशेष पीएमएलए अदालत में अभियोजन शिकायत दाखिल कर दी है। एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

--आईएएनएस

एएमटी/एबीएम

Share:

Leave A Reviews

Related News