Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

पेइचिंग : 11वीं चीन-ब्रिटेन रणनीतिक वार्ता आयोजित


बीजिंग, 2 जून (आईएएनएस)। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य और विदेश मंत्री वांग यी ने पेइचिंग में ब्रिटिश विदेश मंत्री यवेट कूपर के साथ 11वीं चीन-ब्रिटेन रणनीतिक वार्ता की।

बीजिंग, 2 जून (आईएएनएस)। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य और विदेश मंत्री वांग यी ने पेइचिंग में ब्रिटिश विदेश मंत्री यवेट कूपर के साथ 11वीं चीन-ब्रिटेन रणनीतिक वार्ता की।

वांग यी ने कहा कि इस वर्ष की शुरुआत में, ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने चीन का सफल दौरा किया, और दोनों देशों के नेताओं ने दीर्घकालिक और स्थिर व्यापक रणनीतिक साझेदारी विकसित करने पर महत्वपूर्ण सहमति व्यक्त की। यह नई स्थिति द्विपक्षीय संबंधों के ऐतिहासिक तर्क को दर्शाती है, दोनों देशों के विकास की व्यावहारिक आवश्यकताओं को पूरा करती है, और आपसी लाभ वाले सहयोग के लिए एक दीर्घकालिक और आशाजनक दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है।

वांग यी ने आगे कहा कि वर्तमान में, विभिन्न क्षेत्रों में दोनों पक्षों के बीच आदान-प्रदान और सहयोग पूरी तरह से फिर से शुरू हो गया है और धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है, जो सराहनीय है।

वांग यी ने कहा कि चीन के 40 से अधिक वर्षों के सुधार और खुलेपन ने यह सिद्ध किया है कि खुलापन प्रगति लाता है, जबकि अलगाव केवल प्रतिगमन की ओर ले जाता है। चीन उच्च गुणवत्ता वाले विकास और उच्च स्तरीय खुलेपन के प्रति प्रतिबद्ध है। 15वीं पंचवर्षीय योजना (2026-2030) चीन की अपनी विकास योजना होने के साथ-साथ विश्व के लिए अवसरों की एक सूची भी है, जो ब्रिटेन की आधुनिक औद्योगिक रणनीति के साथ पूर्णतः संरेखित है। दोनों पक्ष इन अवसरों का लाभ उठाकर आपसी लाभ वाले सहयोग में संलग्न हो सकते हैं और पारस्परिक सफलता प्राप्त कर सकते हैं। हम आशा करते हैं कि ब्रिटेन चीनी उद्यमों के लिए एक निष्पक्ष, न्यायसंगत और गैर-भेदभावपूर्ण व्यापारिक वातावरण प्रदान करेगा, सुरक्षा सीमाओं को उचित रूप से परिभाषित करेगा और द्विपक्षीय संबंधों के विकास और सहयोग को गहरा करने के लिए अनुकूल वातावरण बनाएगा।

वांग यी ने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय स्थिति जटिल और अस्थिर है, जिसमें जंगल कानून के अवशेष फिर से उभर रहे हैं, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय शीत युद्ध की समाप्ति के बाद से सबसे गहन उथल-पुथल और परिवर्तन का सामना कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य के रूप में, चीन और ब्रिटेन विश्व के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते हैं। हमें सही मार्ग पर चलने और न्याय को कायम रखने, द्वितीय विश्व युद्ध में मिली जीत की उपलब्धियों की रक्षा करने, संयुक्त राष्ट्र चार्टर का पालन करने, वास्तविक बहुपक्षवाद को बढ़ावा देने और अधिक न्यायपूर्ण और समान वैश्विक शासन प्रणाली के निर्माण को संयुक्त रूप से आगे बढ़ाने में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।

कूपर ने कहा कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय स्थिति अशांत और जटिल है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य होने के नाते, ब्रिटेन और चीन को चुनौतियों का संयुक्त रूप से सामना करने के लिए पहले से कहीं अधिक संवाद और सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता है। ब्रिटेन, चीन के साथ दोनों देशों के नेताओं द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप उच्च स्तरीय आदान-प्रदान जारी रखने, संस्थागत संवाद को आगे बढ़ाने और व्यापार, वित्त, ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने के लिए तत्पर है। चीन के साथ राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद से थाईवान मुद्दे पर ब्रिटेन की नीति में कोई बदलाव नहीं आया है और न ही आएगा। ब्रिटेन, चीन के साथ खुलकर संवाद के माध्यम से मतभेदों का रचनात्मक रूप से समाधान करने और ब्रिटेन-चीन संबंधों के स्वस्थ और स्थिर विकास को बढ़ावा देने के लिए तत्पर है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

--आईएएनएस

एबीएम/

Share:

Leave A Reviews

Related News