नई दिल्ली, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। पश्चिमी प्रशांत महासागर में सक्रिय उष्णकटिबंधीय तूफान ‘चांपी’ तेज होकर टाइफून में बदल गया है। फिलीपींस की मौसम एजेंसी पीएजीएएसए ने इसकी जानकारी दी है। तूफान फिलहाल फिलीपींस एरिया ऑफ रिस्पॉन्सिबिलिटी (पीएआर) के बाहर है। वर्तमान में यह तूफान गुआम और मारियाना द्वीपों की ओर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे वहां भारी तबाही की आशंका जताई जा रही है।
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नई दिल्ली, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। पश्चिमी प्रशांत महासागर में सक्रिय उष्णकटिबंधीय तूफान ‘चांपी’ तेज होकर टाइफून में बदल गया है। फिलीपींस की मौसम एजेंसी पीएजीएएसए ने इसकी जानकारी दी है। तूफान फिलहाल फिलीपींस एरिया ऑफ रिस्पॉन्सिबिलिटी (पीएआर) के बाहर है। वर्तमान में यह तूफान गुआम और मारियाना द्वीपों की ओर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे वहां भारी तबाही की आशंका जताई जा रही है।
फिलीपीनी समाचार पोर्टल इंक्वायर डॉट नेट की रिपोर्ट के अनुसार, चांपी के तीव्र होने के बाद मौसम एजेंसी इस पर नजर रख रही है। उष्णकटिबंधीय तूफान जब और अधिक शक्तिशाली हो जाता है, तो उसे टाइफून कहा जाता है। पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में इस तरह के तूफानों के कारण तेज हवाएं और समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं।
फिलीपींस की मौसम एजेंसी के मुताबिक, 17 अक्टूबर को सुबह 3 बजे तक टाइफून चांपी पूर्वी विसायस से लगभग 2,675 किलोमीटर पूर्व में था। इसकी केंद्र के पास अधिकतम निरंतर हवा की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों की गति 170 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई। यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा था।
पीएजीएएसए ने कहा कि उष्णकटिबंधीय चक्रवात, जिसका अंतर्राष्ट्रीय नाम "चांपी" है, को तूफान के रूप में वर्गीकृत किया गया था। चंपी के अलावा, मौसम विभाग ने देश के विभिन्न हिस्सों को प्रभावित करने वाली तीन मौसम प्रणाली- इंटरट्रॉपिकल कन्वर्जेंस जोन (आईटीसीजेड), उत्तर-पूर्वी हवा प्रवाह और पूर्वी हवाओं की निगरानी कर रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार 'चांपी' मंगलवार को एक 'सुपर टाइफून' के रूप में फिलीपीन क्षेत्र (पीएआर) में प्रवेश कर सकता है और इसे स्थानीय नाम 'रोसल' दिया जाएगा। अनुमान है कि यह तूफान फिलीपीन सागर के ऊपर उत्तर-पश्चिम दिशा में ताइवान की ओर बढ़ेगा, और इसके फिलीपींस में तट से टकराने की संभावना कम है। हालांकि, अगले सप्ताह के अंत में इसका असर देश के पूर्वी हिस्सों, विशेष रूप से उत्तरी लूजोन पर, पड़ सकता है।
--आईएएनएस
केआर/
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