
अनूपपुर जिले के भेड़वाटोला गांव से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां शुक्रवार रात को घर में सो रहे एक ही परिवार के तीन सदस्यों को एक जहरीले करैत सांप ने डंसा है। इस दर्दनाक हादसे में 6 वर्ष की एक मासूम बच्ची की इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई। वहीं, गंभीर रूप से पीड़ित उसके माता-पिता को आनन-फानन में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, भेड़वाटोला निवासी भानु प्रताप सिंह शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात करीब 2:30 बजे अपनी पत्नी रेखा सिंह, बेटी माधवी सिंह और बेटे के साथ बिस्तर पर सो रहे थे। इसी दौरान भानु प्रताप को अचानक अपने पैर की उंगलियों में किसी जीव के काटने का तीखा अहसास हुआ। जब उन्होंने तुरंत उठकर रोशनी की और देखा, तो बिस्तर के पास ही एक अत्यधिक विषैला करैत सांप रेंग रहा था। भानु प्रताप ने बिना वक्त गंवाए अपनी पत्नी और बच्चों को जगाया और आसपास के पड़ोसियों व परिजनों को घटना की जानकारी दी।
भानु प्रताप के भाइयों ने तुरंत एम्बुलेंस और निजी वाहन की व्यवस्था की और पीड़ित परिवार को इलाज के लिए कोतमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर रवाना हुए। लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही सुबह करीब 3:30 बजे 6 वर्षीय मासूम बालिका माधवी को अचानक उल्टी हुई और कुछ ही देर में उसने दम तोड़ दिया। कोतमा स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने पर डॉक्टरों ने भानु प्रताप और रेखा सिंह की बेहद गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार दिया और तुरंत जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
शनिवार सुबह करीब 5:30 बजे से पीड़ित दंपती को जिला अस्पताल में भर्ती कर सघन इलाज दिया जा रहा है। डॉक्टरों ने गहन जांच के बाद इस बात की पुष्टि की है कि भानु प्रताप के साथ-साथ उनकी पत्नी रेखा सिंह को भी जहरीले करैत सांप ने डंसा था। दोनों की नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें जीवनरक्षक एंटी-स्नेक वेनम का हैवी डोज दिया है और वे लगातार डॉक्टरों की निगरानी में हैं।
मृतक बच्ची के ताऊ अरुण सिंह ने बताया कि सुबह तक पूरा परिवार केवल भानु प्रताप को ही सर्पदंश का शिकार समझ रहा था। बच्ची की मौत के बाद उन्हें समझ आया कि सांप ने बच्ची को भी अपना शिकार बनाया था। वहीं, रेखा सिंह को खुद के सांप काटने का पता तब चला जब जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने उनके शरीर पर लक्षण देखकर जांच की। फिलहाल पुलिस ने मृत बच्ची के शव को मॉर्चुरी के सुरक्षित फ्रिज में रखवाया है, क्योंकि परिवार के अन्य सदस्य अस्पताल में भर्ती दोनों गंभीर मरीजों की देखरेख में व्यस्त हैं।
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