Office Address

Address Display Here

Phone Number

+91-9876543210

Email Address

info@deshbandhu.co.in

पुलिस की सख्ती से डीएससी घोटाले का सच नहीं दबाया जा सकता: वाईएसआरसीपी


अमरावती, 10 अगस्त (आईएएनएस)। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के राज्य समन्वयक सज्जाला रामकृष्ण रेड्डी ने सोमवार को चंद्रबाबू नायडू सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि वह खास सवालों का जवाब देने के बजाय छात्रों, बेरोजगार युवाओं और विपक्ष के खिलाफ पुलिस की सख्ती का इस्तेमाल करके 'मेगा डीएससी-2025' में हुई गड़बड़ियों को दबाने की कोशिश कर रही है।

अमरावती, 10 अगस्त (आईएएनएस)। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के राज्य समन्वयक सज्जाला रामकृष्ण रेड्डी ने सोमवार को चंद्रबाबू नायडू सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि वह खास सवालों का जवाब देने के बजाय छात्रों, बेरोजगार युवाओं और विपक्ष के खिलाफ पुलिस की सख्ती का इस्तेमाल करके 'मेगा डीएससी-2025' में हुई गड़बड़ियों को दबाने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा कि प्रभावित उम्मीदवारों ने ही सबसे पहले यह मुद्दा उठाया, अदालत का दरवाजा खटखटाया और सबूत पेश किए, जिसके बाद वाईएसआरसीपी ने इस आंदोलन को आगे बढ़ाया। उन्होंने दावा किया कि पिछले 70-75 दिनों में आयोजित लगभग 10 कार्यक्रमों को मिल रहा अच्छा रिस्पॉन्स यह साबित करता है कि यह मुद्दा लोगों की वास्तविक चिंता से जुड़ा है।

सज्जाला ने सवाल किया कि प्रश्न-पत्र तैयार करने और परीक्षा के प्रबंधन का काम एससीईआरटी के पास क्यों रखा गया, गोपनीय डिजिटल कामकाज आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से क्यों कराया गया, और एससीईआरटी के आउटसोर्सिंग कर्मचारी पुरामा नवीन को बाद में मेरिट लिस्ट से क्यों हटा दिया गया। उन्होंने उन उम्मीदवारों के मामले में भी जवाब मांगा जिन्हें 1:1 के अनुपात में बुलाया गया और सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन में पास भी किया गया, लेकिन नियुक्ति नहीं दी गई। साथ ही, पारदर्शी मेरिट-कम-रोस्टर लिस्ट जारी न करने पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि स्पोर्ट्स कोटा से एक बड़ा पैटर्न सामने आया है। सरकार ने खास सरकारी आदेशों (जीओ) के जरिए लिखित परीक्षा की जरूरत को खत्म कर दिया, डीएससी परीक्षा के बिना ही टीचर की पोस्ट भरीं, और भर्ती के तुरंत बाद परीक्षा की जरूरत को फिर से लागू कर दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि स्पोर्ट्स सर्टिफिकेट में गड़बड़ी और बदलाव, अलग-अलग लोगों के डॉक्यूमेंट्स का एक साथ इस्तेमाल, गड़बड़ियों के सामने आने के बाद वेबसाइट से छेड़छाड़, और टीचर की पोस्ट के लिए पैसों के लेन-देन वाली बातचीत - इन सभी मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि इन सवालों का जवाब देने के बजाय, सरकार यह दिखा रही थी कि 'सब कुछ ठीक है' और जांच की मांग करने वालों पर हमला करने के लिए चुने हुए नियुक्त लोगों का इस्तेमाल कर रही थी। साथ ही, शांतिपूर्ण क्रमिक भूख हड़ताल, रैलियों और विरोध प्रदर्शनों को नोटिस, नजरबंदी, झूठे केस और गिरफ्तारी के जरिए रोका जा रहा था।

उन्होंने कहा कि कुप्पम, पुलिवेंदुला, ताड़ीपत्री और दूसरे चुनाव क्षेत्रों में लगाई गई पाबंदियों का जिक्र करते हुए कहा कि सत्ताधारी पार्टी की सुरक्षा के लिए पुलिस का इस्तेमाल 'किराए की फोर्स' की तरह किया जा रहा था।

सज्जाला ने कहा कि यह आंदोलन तब तक नहीं रुकेगा जब तक शिक्षा मंत्री नारा लोकेश इस्तीफा नहीं दे देते, मेगा डीएससी-2025 की सीबीआई जांच के आदेश नहीं दिए जाते, फीस रिइम्बर्समेंट और वसति दीवेना के बकाया पैसे का भुगतान नहीं हो जाता, और वादा किया गया 3,000 रुपए का मासिक बेरोजगारी भत्ता लागू नहीं हो जाता।

उन्होंने कहा कि इनकार, पलटवार, झूठा प्रचार, पुलिस केस और गिरफ्तारियां सबूतों को मिटा नहीं सकतीं। हम डीएससी में हुई गड़बड़ियों का पूरी तरह से पर्दाफाश करेंगे और तब तक संघर्ष जारी रखेंगे जब तक छात्रों और बेरोजगार युवाओं को न्याय नहीं मिल जाता।

--आईएएनएस

एमएस/

Share:

Leave A Reviews

Related News