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राजस्थान: 23 साल पुराने जमीन विवाद मामले में न्यायिक हिरासत में भेजे गए निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल


जयपुर, 25 सितंबर (आईएएनएस)। राजस्थान में 23 साल पुराने जमीन के पट्टे और भूमि विवाद से जुड़े मामले में निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अदालत ने सीआईडी-सीबी की ओर से उनकी पुलिस रिमांड बढ़ाने की मांग खारिज कर दी।

जयपुर, 25 सितंबर (आईएएनएस)। राजस्थान में 23 साल पुराने जमीन के पट्टे और भूमि विवाद से जुड़े मामले में निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अदालत ने सीआईडी-सीबी की ओर से उनकी पुलिस रिमांड बढ़ाने की मांग खारिज कर दी।

चार दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद सीआईडी-सीबी ने शुक्रवार को बंसल को हनुमानगढ़ की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) अदालत में पेश किया।

जांच एजेंसी ने आगे की पूछताछ के लिए बंसल की पुलिस हिरासत बढ़ाने की मांग की, लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया और विधायक को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया।

यह मामला जमीन के विवाद और वर्ष 2003 में हनुमानगढ़ नगर परिषद की ओर से कथित रूप से जारी किए गए पट्टों से जुड़ा है। बताया गया है कि बंसल, उनकी पत्नी और नगर परिषद से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं।

सीआईडी-सीबी और स्पेशल क्राइम ब्रांच ने 20 सितंबर को बंसल को उस समय हिरासत में लिया था, जब वह बीकानेर जा रहे थे। पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। 21 सितंबर को अदालत ने जांच एजेंसी को 25 सितंबर तक उनकी पुलिस रिमांड दी थी।

बंसल की गिरफ्तारी हनुमानगढ़ नगर परिषद के सभापति पद के चुनाव के बीच हुई। बड़ी संख्या में निर्दलीय पार्षदों का समर्थन होने के कारण स्थानीय राजनीतिक समीकरण में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण माना जा रहा था।

गिरफ्तारी के बाद बंसल के समर्थकों और निर्दलीय पार्षदों ने विरोध प्रदर्शन किया। दूसरी ओर, बंसल, उनकी पत्नी संतोष बंसल और बेटी वंदना जैन ने अलग-अलग एफआईआर के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट का रुख किया।

हाई कोर्ट ने उन्हें गिरफ्तारी और किसी तरह की दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम राहत दी और मामले में अपना विस्तृत आदेश सुरक्षित रख लिया।

इनमें से एफआईआर संख्या 625 में धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं। याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि कथित घटना वर्ष 2003 की है, जबकि एफआईआर 2026 में दर्ज की गई।

हालांकि, हाई कोर्ट में चल रही कार्यवाही अलग एफआईआर से जुड़ी है और उसे उस भूमि पट्टा मामले से अलग माना जाना चाहिए, जिसमें सीआईडी-सीबी ने बंसल को गिरफ्तार किया था और शुक्रवार को सीजेएम कोर्ट में पेश किया।

अब अदालत की ओर से आगे की पुलिस रिमांड की मांग खारिज किए जाने के बाद बंसल न्यायिक हिरासत में रहेंगे। सीआईडी-सीबी मामले की जांच जारी रखेगी और आगे की कार्रवाई जांच तथा अदालत के आगामी आदेशों पर निर्भर करेगी।

--आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी

Date & Time : 2026-09-25 23:55:02

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