
अयोध्या. अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला अब बेहद गरमा गया है। एक तरफ जहां इस महाघोटाले को लेकर राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्यों के बीच आपसी आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है, वहीं दूसरी तरफ मुख्य आरोपी लवकुश मिश्रा के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा एक्शन लेने की तैयारी कर ली है। आरोपी के आलीशान घर पर अब यूपी सरकार का बुलडोजर चलने की कगार पर है।
इस पूरे विवाद में पहली बार राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास महाराज खुलकर सामने आए हैं। उन्होंने सीधे तौर पर ट्रस्ट के पूर्व पदाधिकारी गोपाल राव को इस पूरे घटनाक्रम के लिए जिम्मेदार ठहराया है। महंत दिनेंद्र दास ने कहा, "यह पूरी गलती गोपाल राव की है। वे राम परंपरा को नहीं मानते हैं और उनकी कार्यप्रणाली के कारण ही इतनी बड़ी चूक हुई है।" ट्रस्ट के भीतर शुरू हुई इस गुटबाजी ने मामले को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है।
चोरी के आरोपी लवकुश मिश्रा की मुश्किलें केवल कानूनी कार्रवाई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उसकी अवैध संपत्तियों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है। अयोध्या डेवलपमेंट अथॉरिटी (ADA) ने लवकुश की पत्नी के नाम पर अयोध्या के शहादतगंज इलाके (जयपुरिया स्कूल के पास) बन रही एक तीन मंजिला आलीशान बिल्डिंग को लेकर नोटिस जारी किया है। प्रशासन ने परिजनों को जवाब देने के लिए एक हफ्ते का समय दिया है। अधिकारियों का साफ कहना है कि यदि सात दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो निर्माणाधीन मकान पर सीधे बुलडोजर चलाकर उसे ध्वस्त कर दिया जाएगा।
बता दें कि पुलिस ने जब लवकुश मिश्रा के घर पर छापेमारी की थी, तो वहां से ₹14 लाख 25 हजार की नकदी बरामद हुई थी। उसके पड़ोसियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पड़ोसी राजकुमार पांडे के मुताबिक, लवकुश ने अक्टूबर 2025 में करीब ₹25 लाख रुपये में 1000 स्क्वायर फीट की जमीन अपनी पत्नी के नाम पर खरीदी थी।
महज कुछ ही महीनों के भीतर उसने इस जमीन पर दो मंजिला आलीशान मकान खड़ा कर दिया, जो अगले 3-4 महीनों में पूरी तरह तैयार होने वाला था। इस मकान को बनाने में लवकुश अब तक लगभग ₹80 से ₹90 लाख रुपये पानी की तरह बहा चुका था। इस घर के एक फ्लोर पर बड़ा किचन, 4 कमरे और बकायदा लिफ्ट (Lift) लगाने के लिए स्पेस छोड़ा गया था। दूसरे फ्लोर पर भी 5 कमरे बनाए जा रहे थे और तीसरे फ्लोर की तैयारी चल रही थी।
पड़ोसियों का दावा है कि जैसे ही पुलिस ने चढ़ावा चोरी मामले में लवकुश को गिरफ्तार किया, वैसे ही उसका पूरा परिवार घर छोड़कर फरार हो गया है। फिलहाल वहां निर्माण कार्य पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है। पुलिस और विकास प्राधिकरण अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि इतने कम समय में एक आम कर्मचारी के पास ₹1 करोड़ से अधिक की संपत्ति और आलीशान मकान बनाने के लिए पैसा कहां से आया।
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