इंदौर, 4 सितंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि भगवान राम और कृष्ण का मध्य प्रदेश से गहरा नाता रहा है, इसलिए उनसे जुड़े स्थानों को तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
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इंदौर, 4 सितंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि भगवान राम और कृष्ण का मध्य प्रदेश से गहरा नाता रहा है, इसलिए उनसे जुड़े स्थानों को तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
इंदौर जिले के जानापाव में विकसित किए जाने वाले भगवान श्री परशुराम लोक एवं भगवान श्रीकृष्ण लोक के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि जानापाव वह गौरवशाली धरती है, जहां भगवान श्रीकृष्ण ने महर्षि परशुराम से सुदर्शन चक्र प्राप्त किया था। यह पवित्र और गौरवशाली स्थान है। महर्षि परशुराम की जन्मस्थली और साढ़े सात नदियों के उद्गम वाले इस पावन स्थल पर जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण करना सभी का सौभाग्य है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण को महर्षि परशुराम द्वारा प्रदान किया गया सुदर्शन चक्र उनके जीवन में धर्म और सत्य की रक्षा का महत्वपूर्ण अस्त्र बना। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने जीवन में सत्य, धर्म, पराक्रम और पुरुषार्थ का संदेश दिया।
शिशुपाल प्रसंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी बुआ को दिए वचन के अनुसार शिशुपाल की सौ गलतियों तक क्षमा किया और इसके बाद धर्म की रक्षा के लिए उसका अंत किया।
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम से गहरा संबंध रहा है। सरकार इस लगभग 5000 वर्ष पुराने गौरवशाली इतिहास को फिर से सामने लाने के लिए कार्य कर रही है। भगवान श्रीकृष्ण ने मध्यप्रदेश में जहां-जहां अपने चरण रखे, उन सभी स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा। इसी प्रकार भगवान श्रीराम के चरण जहां-जहां पड़े, उन स्थलों को भी धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि चित्रकूट धाम, जानापाव, श्रीराम के वनगमन से जुड़े आश्रम और अन्य पौराणिक स्थलों के साथ भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े स्थलों को भी विकसित करने की योजना है। भगवान श्रीकृष्ण के मध्यप्रदेश से संबंध को दर्शाने वाले स्थलों में रुक्मिणी हरण से जुड़े क्षेत्र तथा धार जिले में हुए युद्ध से संबंधित स्थानों को भी विकसित कर उनके गौरवशाली इतिहास को जीवंत किया जाएगा।
--आईएएनएस
एसएनपी/एमएस
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