रामनगर, बस-ऑटो वालों की मनमानी, टिकट नहीं, किराया 2-3 गुना
किराए के लिए चिक-चिक करता ऑटो चालक यात्री
रामनगर। शादी-ब्याह के सीजन और डीजल-पेट्रोल की कथित किल्लत के बहाने
बस, ऑटो और भारवाहक संचालक यात्रियों से
मनमाना किराया वसूल रहे हैं। हैरत की बात यह है कि वाहनों से
किराया सूची (टिकट कॉपी) गायब है और यात्री टिकट या रसीद मांगने पर भी खाली हाथ लौटते हैं।
ओवरलोडिंग आम बात हो गई है, लेकिन जिम्मेदार विभाग
कुम्भकर्णी नींद में सो रहे हैं।
कितना वसूला जा रहा है?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामनगर से विभिन्न मार्गों पर निम्नलिखित अवैध वसूली हो रही है:
| मार्ग |
दूरी |
नियमित किराया |
वसूला जा रहा किराया |
| रामनगर-अमरपाटन |
20 KM |
~25-30 ₹ |
50 ₹ |
| रामनगर-सतना/रीवा |
50-60 KM |
~60-80 ₹ |
100-130 ₹ |
| रामनगर-कटनी/जबलपुर |
~150 KM |
~200-300 ₹ |
500-700 ₹ |
| रामनगर-नागपुर |
~300+ KM |
~400-500 ₹ |
1200 ₹ |
टिकट-रसीद नहीं, सीट बुकिंग फर्जी
रामनगर से कटनी, जबलपुर, नागपुर के लिए 500 से 1200 रुपये तक बिना टिकट वसूले जा रहे हैं। वहीं 5-10 किलोमीटर की छोटी दूरी के लिए भी 20-40 रुपये मनमाने तरीके से लिए जा रहे हैं। बसों में क्षमता से ज्यादा सवारी ढोना आम है, जो कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।
RTO और प्रशासन की भूमिका पर सवाल
दो पहिया वाहन चालकों से हेलमेट न पहनने पर चालान काटने वाला अमला, सीट बेल्ट न लगे होने पर वसूली करने वाला विभाग, वाहनों की फिटनेस, परमिट, किराया सूची, प्रशिक्षित स्टाफ न होने और क्षमता से ज्यादा सवारी होने पर कोई कार्रवाई नहीं करता।
आरोप है कि RTO का अमला अपने हिस्से का लिफाफा पाकर खुश हो जाता है। कभी-कभार दुर्घटना होने पर कुम्भकर्णी नींद से जागकर तथाकथित कार्रवाई करके पुनः निद्रा मग्न हो जाता है। यात्रियों की सुरक्षा जैसे शब्द राजनीति की खबरों और महानुभावों के फोटुओं के बीच दबकर दम तोड़ रहे हैं।
आम जनता की जान-माल सस्ती
कुल मिलाकर आम जनता की जान-माल इतनी सस्ती हो चुकी है कि पैसे कमाने के लिए कोई भी खिलवाड़ कर सकता है। सत्ता की चापलूसी में लगे प्रशासनिक अधिकारी आम जनता का रक्त चूसने में महारत हासिल कर चुके हैं, वहीं खास और खासमखास की चरण वंदना करके विशेष खुश होते हैं। जिस पर कोई भी जिम्मेदार और जवाबदेह ध्यान नहीं दे पा रहा।
यात्रियों की मांग
स्थानीय यात्रियों ने मांग की है कि:
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वाहनों पर किराया सूची अनिवार्य लगाई जाए
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टिकट/रसीद देना अनिवार्य किया जाए
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ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई हो
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RTO और परिवहन विभाग की जांच हो
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संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए
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