
रामनगर: सावन के पावन महीने में इस बार मैहर जिले का रामनगर क्षेत्र बारिश से सराबोर है। मघा नक्षत्र के शुभ संयोग से पिछले तीन दिनों से पूरे अंचल में रुक-रुक कर मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। ग्रामीण और किसान इसे ऐतिहासिक कहावत "मघा के बरसे, माता के परसे" से जोड़कर देख रहे हैं और इसे प्रकृति व ईश्वर की विशेष कृपा मान रहे हैं।
लगातार हो रही बारिश से धान के खेत पानी से लबालब भर गए हैं, वहीं सोयाबीन और दलहन की फसलों को भी संजीवनी मिल गई है।
स्थानीय किसान रामलाल कुशवाहा ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि मघा नक्षत्र की बारिश फसलों के लिए सर्वोपरि मानी जाती है। समय पर हुई इस वर्षा से धान और दलहन की पैदावार बेहतर होगी तथा किसानों का सिंचाई पर होने वाला भारी खर्च भी बच गया है। इसके अलावा तालाबों, कुओं और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से आगामी जल संकट की संभावना पूरी तरह समाप्त हो गई है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, रामनगर और आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। वायुमंडल में नमी 90 से 97 प्रतिशत तक बनी हुई है, जिससे आगामी 20 से 22 अगस्त तक भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। क्षेत्र का अधिकतम तापमान 29°C और न्यूनतम तापमान 25°C के आसपास बना रहेगा।

शास्त्रों और पंचांग के अनुसार, मघा नक्षत्र में होने वाली वर्षा को कृषि के लिए 'अमृत' समान माना जाता है। बुजुर्गों के अनुसार, जिस प्रकार मां अपने बच्चे को प्रेम से भोजन परोसती है, ठीक उसी तरह मघा की बारिश धरती मां का आशीर्वाद है जो फसलों को समृद्ध बनाती है।
भारी बारिश और वज्रपात (बिजली गिरने) की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन व तहसीलदार कार्यालय ने निचले इलाकों में जलभराव पर निगरानी बढ़ा दी है। आमजन से निम्नलिखित सावधानियां बरतने की अपील की गई है:
वज्रपात से बचाव: बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और लोहे के खंभों से दूर रहें।
सुरक्षित आवागमन: उफान वाले नदी-नालों और रपटों/पुलियों को पार न करें तथा वाहनों की गति नियंत्रित रखें।
ज़रूरी तैयारी: आपात स्थिति के लिए टॉर्च, आवश्यक दवाइयां और मोबाइल चार्ज रखें।
आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर:
किसी भी अप्रिय स्थिति या जलभराव की सूचना के लिए एकीकृत आपातकालीन सेवा 112 और एम्बुलेंस सेवा 108 पर तुरंत संपर्क करें।
Leave A Reviews