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रेलवे का मॉडर्नाइजेशन : एनआईडी में डिजाइन की गईं ट्रॉलियां अब प्लेटफॉर्म पर पार्सल की हैंडलिंग को बनाएंगी आसान


अहमदाबाद, 20 मई (आईएएनएस)। अहमदाबाद के राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (एनआईडी) में स्थित रेलवे डिजाइन सेंटर के छात्रों ने भारतीय रेल की खास 'पार्सल ट्रॉली' को तैयार किया है। दरअसल, रेलवे स्टेशनों को मॉडर्न लुक देने और पैसेंजर सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए रेलवे ने एनआईडी के साथ साल 2035 तक एक लॉन्ग-टर्म कोलेबोरेशन किया है। इसी के तहत विकसित की गई यह ट्रॉली प्लेटफॉर्म पर सामान के तेज मूवमेंट के लिए गेम-चेंजर साबित होगी।

अहमदाबाद, 20 मई (आईएएनएस)। अहमदाबाद के राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (एनआईडी) में स्थित रेलवे डिजाइन सेंटर के छात्रों ने भारतीय रेल की खास 'पार्सल ट्रॉली' को तैयार किया है। दरअसल, रेलवे स्टेशनों को मॉडर्न लुक देने और पैसेंजर सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए रेलवे ने एनआईडी के साथ साल 2035 तक एक लॉन्ग-टर्म कोलेबोरेशन किया है। इसी के तहत विकसित की गई यह ट्रॉली प्लेटफॉर्म पर सामान के तेज मूवमेंट के लिए गेम-चेंजर साबित होगी।

डीआरएम वेद प्रकाश ने बताया कि हाल ही में एनआईडी के छात्रों ने बहुत सारे प्रयोग किए। उनमें से एक अच्छा प्रयोग 'पार्सल ट्रॉली' का है, जिसका हम लोगों ने ट्रायल भी किया है। इसमें छात्रों ने पार्सल ले जाने और इस ट्रॉली के वर्क को लेकर प्रयोग किए।

इस 'पार्सल ट्रॉली' का अहमदाबाद के कालूपुर रेलवे स्टेशन पर सफल ट्रायल किया गया है, जहां कुलियों को यह ट्रॉली पसंद आई है, क्योंकि इसे चलाना बेहद आसान है।

एनआईडी के ट्रांसपोर्टेशन एंड ऑटोमोबाइल डिजाइन हेड नमित शर्मा ने बताया कि कालूपुर रेलवे स्टेशन पर हम लोग इसका ट्रायल ले चुके हैं। कुली वर्ग का सुझाव भी बहुत अहम था। 'पार्सल ट्रॉली' को लेकर भी कुली खुश हैं और उन्हें यह डिजाइन भी पसंद आया है। क्योंकि 'पार्सल ट्रॉली' हल्की महसूस होती है। हमारी सोच यही थी कि हमें भारी वजन वाली ट्रॉली नहीं बनानी है।

पहले ट्रायल के बाद इस ट्रॉली में कुछ बदलाव किए जा रहे हैं और जल्द ही यह मॉडर्न पार्सल ट्रॉली रेलवे स्टेशनों पर सामान ढोने के लिए उपयोग की जाने लगेगी। डीआरएम वेद प्रकाश ने बताया कि अभी और अधिक इनोवेशन करने की जरूरत है, जैसे कि इसके बॉडी पार्ट में रोलर लगाना। कैसे इस ट्रॉली के जरिए पार्सल को जल्दी से गाड़ी में लोड कर पाएं, इस पर अभी काम जारी है।

डीआरएम ने बताया कि अभी एक और ट्रायल बाकी है। इसके बाद जहां भी जरूरत होगी, वहां इस ट्रॉली का इस्तेमाल किया जाएगा।

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इस विशेष पार्सल ट्रॉली को एर्गोनॉमिक्स यानी पोर्टर्स की सहूलियत को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इससे जहां उन्हें कम मेहनत करनी पड़ेगी, वहीं उनके काम की स्पीड भी बढ़ेगी और भीड़-भाड़ वाले प्लेटफॉर्म्स पर भी इसे सुगमता से संचालित किया जा सकेगा।

--आईएएनएस

डीसीएच/

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