
छतरपुर रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां सिंचाई विभाग के सेवानिवृत्त इंजीनियर अरुण कुमार अग्रवाल ने महामना एक्सप्रेस के सामने कूदकर कथित रूप से अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। परिजनों के अनुसार अरुण कुमार घर से सामान्य दिनचर्या की तरह ही निकले थे, लेकिन अचानक उनके द्वारा उठाए गए इस आत्मघाती कदम की खबर ने सभी को स्तब्ध कर दिया।
स्टेशन पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने तुरंत इसकी सूचना रेलवे स्टाफ और पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और प्रारंभिक कार्रवाई शुरू की। घटनास्थल से पुलिस को जिला कलेक्टर के नाम लिखा एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें मृतक ने अपनी बीमारी से उपजे तनाव को इस दुःखद निर्णय का मुख्य कारण बताया है।
मृतक के साले भरत भूषण अग्रवाल ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि अरुण कुमार लंबे समय से एक लाइलाज और गंभीर बीमारी से ग्रसित थे, जिसके कारण वे गहरे मानसिक अवसाद और तनाव के दौर से गुजर रहे थे। परिवार द्वारा बेहतर उपचार कराए जाने के बावजूद उनकी शारीरिक और मानसिक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा था।
सुसाइड नोट में भी उन्होंने अपनी शारीरिक व्याधियों और उससे होने वाली असहनीय परेशानियों का जिक्र करते हुए स्पष्ट किया है कि उनकी मृत्यु के लिए कोई अन्य व्यक्ति जिम्मेदार नहीं है। फिलहाल पुलिस ने सुसाइड नोट को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखते हुए मर्ग कायम कर लिया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जिसके बाद इसे अंतिम संस्कार हेतु परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
Leave A Reviews