हैदराबाद, 19 मई (आईएएनएस)। तेलंगाना कांग्रेस नेताओं ने मंगलवार को धरम पुरी अरविंद के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी कांग्रेस के साथ “सुवेंदु अधिकारी जैसा” कदम उठा सकते हैं।
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हैदराबाद, 19 मई (आईएएनएस)। तेलंगाना कांग्रेस नेताओं ने मंगलवार को धरम पुरी अरविंद के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी कांग्रेस के साथ “सुवेंदु अधिकारी जैसा” कदम उठा सकते हैं।
निजामाबाद से भाजपा सांसद अरविंद ने सोमवार को दावा किया था कि जैसे सुवेंदु अधिकारी ने 2020 में तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था, उसी तरह रेवंत रेड्डी भी राजनीतिक पाला बदल सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच किसी प्रकार की समझ या करीबी हो सकती है।
अरविंद ने कहा, “मैं भाजपा का एक छोटा कार्यकर्ता हूं, इसलिए मेरे पास पूरी जानकारी नहीं है। लेकिन जैसे पश्चिम बंगाल में सुवेंदु अधिकारी भाजपा के साथ आए थे, वैसे ही रेवंत रेड्डी भी प्रधानमंत्री मोदी के साथ वैसा ही रिश्ता बनाने की कोशिश कर सकते हैं।”
उन्होंने यह टिप्पणी हाल ही में हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी की उस प्रतिक्रिया के संदर्भ में की, जिसमें मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते मोदी को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिले सहयोग जैसा समर्थन तेलंगाना को देने का अनुरोध किया था।
इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि अगर वह उनकी मांग मान लेते हैं, तो तेलंगाना को केंद्र से मिलने वाली सहायता आधी हो जाएगी। पीएम मोदी ने मजाकिया अंदाज में कहा था, “आप जहां पहुंचना चाहते हैं, वहां नहीं पहुंच पाएंगे... अच्छा है कि मेरे से ही जुड़ो।”
कांग्रेस नेता और एमएलसी अडांकी दयाकर ने अरविंद पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा सांसद में राजनीतिक समझ की कमी है।
दयाकर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने विकास के लिए रेवंत रेड्डी से हाथ मिलाने की बात कही थी। उन्होंने सवाल किया, “मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पहले ही कह चुके हैं कि वह राहुल गांधी को देश का प्रधानमंत्री बनाना चाहते हैं। क्या प्रधानमंत्री मोदी राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए रेवंत रेड्डी के साथ आएंगे?”
दयाकर ने अरविंद को याद दिलाया कि उनके दिवंगत पिता धरमपुरी श्रीनिवास वरिष्ठ कांग्रेसी नेता थे और उनके बिना अरविंद की कोई राजनीतिक पहचान नहीं होती।
उन्होंने कहा कि भाजपा सांसद को रेवंत रेड्डी की प्रतिबद्धता पर सवाल उठाने का कोई अधिकार नहीं है।
दयाकर ने यह भी कहा कि पूरा देश और खुद प्रधानमंत्री मोदी जानते हैं कि कांग्रेस में आने से पहले रेवंत रेड्डी किस राजनीतिक पृष्ठभूमि से आए थे।
उन्होंने अरविंद के उस बयान को भी खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि कांग्रेस ने दशकों से पार्टी में काम कर रहे वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी कर तेलुगु देशम पार्टी से आए रेवंत रेड्डी को मुख्यमंत्री बना दिया।
दयाकर ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा ने भी अपने मूल नेताओं को मुख्यमंत्री नहीं बनाया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सुवेंदु अधिकारी और हिमंता बिस्वा सरमा पहले कांग्रेस में थे और बाद में भाजपा में शामिल हुए।
उन्होंने अरविंद को “किराए का नेता” बताते हुए कहा कि भाजपा उन्हें कभी वास्तविक पहचान नहीं देगी।
--आईएएनएस
डीएससी
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