
रीवा जिले अंतर्गत चाकघाट थाना क्षेत्र के गौरा मार्ग स्थित वार्ड क्रमांक-12 में गुरुवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब टमस नदी के किनारे एक अज्ञात बच्ची का शव बरामद हुआ। नगर परिषद के पंप हाउस के समीप नदी तट पर स्थानीय मछुआरों द्वारा लगाए गए मछली पकड़ने के जाल में बच्ची का शव फंसा मिला। सुबह जब मछुआरे अपना जाल देखने पहुंचे, तो दृश्य देखकर दंग रह गए और तत्काल इसकी सूचना चाकघाट थाना पुलिस को दी।
शव मिलने से इलाके में फैली सनसनी, जुटी भारी भीड़
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और गोताखोरों व मछुआरों की मदद से शव को सुरक्षित जाल से बाहर निकलवाया। नदी में बच्ची का शव मिलने की खबर तेजी से फैलते ही घटनास्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों का हुजूम उमड़ पड़ा। पुलिस ने तुरंत पंचनामा तैयार कर प्राथमिक साक्ष्य जुटाए।
लिंग भेद के चलते नदी में फेंकने की आशंका
नदी में मृत मिली बच्ची की उम्र काफी कम बताई जा रही है। स्थानीय स्तर पर ऐसी आशंका जताई जा रही है कि लिंग भेद (बेटा-बेटी में भेदभाव) के चलते किसी ने बच्ची को जीवित अथवा मृत अवस्था में नदी के बहाव में फेंक दिया होगा। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह जांच का विषय है और बिना ठोस साक्ष्यों के किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता।
शिनाख्त के लिए आसपास के थानों से मांगा रिकॉर्ड
चाकघाट पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शव नदी में बहकर कहां से आया और पानी में कितने समय से था। सीमावर्ती उत्तर प्रदेश और रीवा संभाग के पड़ोसी थानों में हाल ही में दर्ज हुई गुमशुदगी (मिसिंग रिपोर्ट) का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही बच्ची की मौत का सटीक कारण और समय स्पष्ट हो पाएगा।
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