
सिंगरौली जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ रीवा लोकायुक्त पुलिस ने गुरुवार को एक बड़ी और प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दिया है। लोकायुक्त की विशेष टीम ने जल संसाधन (सिंचाई) विभाग में पदस्थ बड़े बाबू (सहायक ग्रेड/प्रधान लिपिक) दिनेश कुमार श्रीवास्तव को 4,000 रुपये की नकद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी क्लर्क विभाग के एक दिवंगत पूर्व कर्मचारी के आश्रित बेटे को मिलने वाली बीमा राशि स्वीकृत और जारी कराने के एवज में यह घूस मांग रहा था। लोकायुक्त टीम ने जिला मुख्यालय बैढ़न के बस स्टैंड तिराहे के पास स्थित एक ऑनलाइन दुकान पर घेराबंदी कर इस ट्रैप की कार्रवाई को सफलतापूर्वक पूरा किया।
शिकायतकर्ता रंजन साकेत के अनुसार, उनके पिता रामकृष्ण साकेत सिंचाई विभाग से लगभग दो वर्ष पूर्व सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के करीब छह माह पश्चात (डेढ़ वर्ष पूर्व) उनका असामयिक निधन हो गया था। नियमानुसार विभाग से उनके वैध उत्तराधिकारी को बीमा योजना के 70,000 की राशि मिलनी थी। रंजन इस राशि के भुगतान और आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कराने के लिए लगातार सिंचाई विभाग के चक्कर काट रहे थे। जब उन्होंने विभाग के बड़े बाबू दिनेश कुमार श्रीवास्तव से संपर्क किया, तो उसने इस फाइल को आगे बढ़ाने और चेक जारी कराने के बदले 4,000 रुपये रिश्वत की मांग रख दी। रंजन की आर्थिक स्थिति कमजोर होने और रिश्वत न देने की मंशा के कारण उन्होंने इसकी शिकायत रीवा लोकायुक्त कार्यालय में दर्ज कराई।
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ट्रैप दल का नेतृत्व कर रहे निरीक्षक एस. राम मरावी ने शिकायत का प्राथमिक और गोपनीय सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान बड़े बाबू द्वारा रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होते ही लोकायुक्त ने आरोपी को रंगे हाथों पकड़ने के लिए रणनीति तैयार की। शिकायतकर्ता को केमिकल लगे हुए नोट देकर आरोपी के पास भेजा गया।
गुरुवार को जैसे ही आरोपी दिनेश कुमार श्रीवास्तव ने बैढ़न बस स्टैंड तिराहे स्थित एक ऑनलाइन कियोस्क/दुकान के पास रंजन साकेत से रिश्वत के 4,000 अपने हाथ में लिए, पहले से मुस्तैद लोकायुक्त की टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। लोकायुक्त दल ने जब आरोपी के हाथ धुलवाए, तो पानी का रंग गुलाबी हो गया। रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित) की सुसंगत धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है। दिनदहाड़े हुई इस ट्रैप कार्रवाई की खबर फैलते ही सिंगरौली के सिंचाई विभाग और कलेक्ट्रेट परिसर के अन्य कार्यालयों में हड़कंप मच गया।
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