
सागर जिले की बंडा तहसील में अवैध व जहरीली शराब पीने से अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। इस भीषण त्रासदी के बाद राज्य सरकार और जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। हालात की समीक्षा करने और पीड़ितों का हाल जानने के लिए प्रदेश के उप मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ल रविवार को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) पहुंचे। उन्होंने आईसीयू और क्रिटिकल केयर वार्ड में भर्ती मरीजों का कुशलक्षेम जाना, डॉक्टरों को 24 घंटे निगरानी के निर्देश दिए और परिजनों को सांत्वना दी।
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने अस्पताल निरीक्षण के बाद बताया कि घटना में 11 लोगों की जान चली गई, क्योंकि उन्होंने अत्यधिक मात्रा में जहरीली शराब का सेवन किया था। वर्तमान में 7 मरीज गंभीर स्थिति में वेंटिलेटर पर हैं, जबकि करीब 45 अन्य मरीज खतरे से बाहर हैं। एक बेहद गंभीर मरीज को बेहतर उपचार के लिए एयरलिफ्ट कर एम्स (AIIMS) भोपाल भेजा गया है। उन्होंने डॉक्टरों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उपचार में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लापरवाही बरतने वाले संबंधित आबकारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच (Magisterial Inquiry) के आदेश दिए हैं। पुलिस ने अब तक 10 संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मिलावटी शराब के पूरे नेटवर्क और इसके मूल स्रोत (Source) को ध्वस्त किया जाएगा। मुख्यमंत्री की ओर से प्रत्येक मृतक के परिवार को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।
बंडा के नौराज गांव निवासी शिकायतकर्ता अनूप सिंह लोधी के अनुसार, गांव में सस्ती शराब के नाम पर 'बंबइया' ब्रांड की जहरीली शराब बेची गई थी। पुलिस जांच में तार उत्तर प्रदेश के ललितपुर (मडावरा गांव) से जुड़ते नजर आ रहे हैं। पुलिस ने अवैध शराब सिंडिकेट में शामिल जुझार लोधी, यशवंत ठाकुर, मनीष लोधी, आशीष साहू, आकाश राय समेत करीब 20 नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर धरपकड़ तेज कर दी है।
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