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'सालों के संघर्ष के बाद मिली सफलता,' भोजशाला के फैसले पर बोले अशोक जैन


धार, 16 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा धार जिले में स्थित भोजशाला को मंदिर घोषित किए जाने के बाद लोगों में खुशी की लहर देखने को मिल रही है। भोज उत्सव समिति के संरक्षक अशोक जैन ने इसे ऐतिहासिक फैसला बताया। उन्होंने कहा कि यह ऐसे ही नहीं हुआ है, इसके पीछे सालों की मेहनत, संघर्ष, समर्पण और कई लोगों का बलिदान है।

धार, 16 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा धार जिले में स्थित भोजशाला को मंदिर घोषित किए जाने के बाद लोगों में खुशी की लहर देखने को मिल रही है। भोज उत्सव समिति के संरक्षक अशोक जैन ने इसे ऐतिहासिक फैसला बताया। उन्होंने कहा कि यह ऐसे ही नहीं हुआ है, इसके पीछे सालों की मेहनत, संघर्ष, समर्पण और कई लोगों का बलिदान है।

भोज उत्सव समिति के संरक्षक अशोक जैन ने इस फैसले को लंबे संघर्ष का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई लगभग साढ़े छह साल तक चली, जिसमें कई उतार-चढ़ाव आए। उनके अनुसार समिति और हिंदू समाज के लोगों ने वर्षों तक आंदोलन किया और अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखा। उन्होंने बताया कि समय-समय पर सत्याग्रह भी हुए और कई कार्यकर्ताओं ने इसमें भाग लिया।

अशोक जैन ने पुराने आंदोलनों और घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर में यहां पूजा को लेकर कई तरह की पाबंदियां थीं, लेकिन धीरे-धीरे संघर्ष के बाद स्थिति बदली। उन्होंने बताया कि 2003 के आसपास से पूजा-अर्चना की अनुमति मिली और तब से यह परंपरा धीरे-धीरे आगे बढ़ती रही। उनके अनुसार कई बार प्रशासनिक बाधाएं आईं, लेकिन भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ।

उन्होंने यह भी कहा कि कई वर्षों तक इस मामले में कानूनी प्रक्रिया चली और अंत में हाई कोर्ट ने ऐतिहासिक तथ्यों और सर्वे रिपोर्ट को देखते हुए निर्णय दिया। उनके अनुसार इस फैसले के बाद यह स्पष्ट हुआ कि यह स्थल ऐतिहासिक रूप से एक मंदिर और शिक्षा का केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि अब भक्तों को यहां 24 घंटे पूजा करने की अनुमति जैसी स्थिति बन गई है।

वहीं समिति के जनरल मैनेजर हेमंत डौराया ने कहा कि यह दिन उनके लिए बेहद खुशी का है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्साह के साथ दर्शन करने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले यहां दर्शन के लिए कुछ सीमाएं और शुल्क जैसी व्यवस्थाएं थीं, लेकिन अब कोर्ट के फैसले के बाद स्थिति बदल गई है। उनका कहना है कि अब भक्त बिना किसी परेशानी के मंदिर में आकर पूजा-अर्चना कर पा रहे हैं। बसंत पंचमी के दिन जिस तरह लाखों लोग यहां आते हैं, उसी तरह अब रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु आने की उम्मीद है।

भोजशाला परिसर में फैसले के बाद लगातार धार्मिक गतिविधियां बढ़ गई हैं। यहां भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। फैसले के बाद पूरे इलाके का माहौल धार्मिक उत्साह से भर गया है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं।

भोज उत्सव समिति के सदस्यों ने परिसर में हनुमान चालीसा का पाठ किया और फूल-मालाओं के साथ विशेष पूजा-अर्चना की। पूरे परिसर में भक्ति का माहौल देखने को मिला। भक्तों का कहना है कि अब उन्हें यहां बिना किसी बाधा के दर्शन करने का अवसर मिल रहा है और यह उनके लिए बड़े सौभाग्य की बात है।

--आईएएनएस

पीआईएम/एएस

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