
पन्ना जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन में लिप्त माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। मंगलवार को अजयगढ़ बाईपास मार्ग पर अवैध रेत से भरे वाहनों को पकड़ने गई खनिज विभाग की टीम पर जानलेवा हमला करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कार्रवाई के दौरान एक डंपर चालक ने शासकीय कार्य में बाधा डालते हुए खनिज निरीक्षक और उनके स्टाफ पर सीधे वाहन चढ़ाने का प्रयास किया। इस दुस्साहसिक घटना के बाद भी विभाग ने मुस्तैदी दिखाते हुए डंपर को अपने कब्जे में ले लिया है, जिससे क्षेत्र के दबंगों और रेत तस्करों में हड़कंप मच गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, पन्ना खनिज विभाग को लगातार सूचना मिल रही थी कि अजयगढ़ बाईपास मार्ग से अवैध रूप से रेत का परिवहन किया जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर खनिज विभाग की टीम मौके पर नाकाबंदी कर वाहनों की चेकिंग कर रही थी। जब टीम ने रेत से भरे एक संदिग्ध डंपर को रोककर कार्रवाई शुरू की, तभी वहां कुछ स्थानीय दबंग और रसूखदार लोग पहुंच गए। इन दबंगों ने शासकीय नियमों को ताक पर रखकर खनिज निरीक्षक विनीत परौंहा और उनके साथ मौजूद 4 से 5 विभागीय कर्मचारियों को सरेआम चमकाया और गाली-गलौज की। प्रशासन को खुली चुनौती देते हुए आरोपियों ने अधिकारियों पर ही डंपर चढ़ाने की कोशिश की, जिससे टीम के सदस्यों ने बमुश्किल कूदकर अपनी जान बचाई।
खनिज अधिकारी रवि पटेल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि जानलेवा हमले के इस असफल प्रयास के बाद डंपर चालक अजयगढ़ बाईपास पर ही बीच सड़क गाड़ी छोड़कर मौके से भाग खड़ा हुआ। घटना के कुछ ही देर बाद वाहन का मालिक अपने एक अन्य साथी के साथ मुंह पर कपड़ा बांधकर वहां आ धमका। सरकारी जब्ती की कार्रवाई को बाधित करने की नीयत से उसने बीच सड़क पर ही पकड़े गए डंपर के टायरों की हवा निकाल दी, ताकि खनिज विभाग की टीम वाहन को पुलिस लाइन या दफ्तर न ले जा सके। इसके बाद वे दबंग खनिज टीम के सामने से ही फरार हुए वाहन चालक को अपनी बाइक पर बैठाकर अपने साथ ले गए।
खनिज विभाग के आला अधिकारियों ने साफ किया है कि माफियाओं की इस गुंडागर्दी के आगे प्रशासन झुकने वाला नहीं है। खनिज अधिकारी रवि पटेल ने बताया कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद टीम ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए डंपर को पूरी तरह से जब्त कर सुरक्षित स्थान पर खड़ा करवा दिया है। इस पूरे घटनाक्रम का एक विस्तृत और तथ्यात्मक प्रतिवेदन (रिपोर्ट) तैयार कर कलेक्टर पन्ना को प्रस्तुत किया जा रहा है। कलेक्टर से दिशा-निर्देश मिलते ही शासकीय कार्य में बाधा डालने, जानलेवा हमला करने और अवैध परिवहन की गंभीर धाराओं के तहत आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाएगी।
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